देश के प्रमुख तकनीकी और मैनेजमेंट संस्थानों में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए करियर के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. SBI रिसर्च की ओर से जारी किए गए डेटा के अनुसार IIT-IIM और NIT जैसे संस्थानों में औसतन करीब 93 प्रतिशत छात्रों को प्लेसमेंट मिला है. वहीं इन संस्थानों में छात्राओं की भागीदारी भी पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है. खासतौर पर IIM में महिलाओं की हिस्सेदारी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है. रिपोर्ट के अनुसार 2014 से 2026 के बीच में IIT, IIM और NIT की संख्या 59 से बढ़कर 76 हो गई. संस्थाओं की संख्या बढ़ने के साथ इनमें पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है.
एसबीआई रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार 14 IIM के उपलब्ध प्रोग्राम डेटा में 2017-18 के दौरान महिलाओं की हिस्सेदारी 26.3 प्रतिशत थी. वहीं 2023-24 तक यह बढ़कर 37.7 प्रतिशत हो गई. यानी मैनेजमेंट की पढ़ाई करने वाले छात्रों में अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा छात्राएं शामिल है. हाल के एडमिशन आंकड़े भी इसी बदलाव की और इशारा करते हैं. IIM कोझिकोड के 2026-28 के फ्लैगशिप बैच में 499 छात्रों में 329 महिलाएं हैं. यानी इस बैच में छात्राओं की हिस्सेदारी 66 प्रतिशत है.
IIT और NIT में भी बढ़ी महिलाओं की भागीदारी
तकनीकी संस्थानों में भी छात्राओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है. आईआईटी में महिलाओं की हिस्सेदारी 2017-18 में 8.1 प्रतिशत थी, जो 2023 में बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई. NIT में भी आंकड़ा 18.4 प्रतिशत से बढ़कर 21.8 प्रतिशत पहुंच गया. इस तरह 2023-2024 तक IIT और NIT में लगभग हर पांच छात्रों में एक छात्रा थी.
IIT और NIT में कुल छात्रों की संख्या भी बढ़ी
इन संस्थाओं का विस्तार केवल संख्या तक सीमित नहीं रहा. 2017-18 में आईआईटी और एनआईटी की संयुक्त छात्र संख्या करीब 1.62 लाख थी, जो 2023- 24 में बढ़कर 2.44 लाख हो गई. आईआईएम में भी सभी प्रोग्रामों को मिलाकर छात्रों की संख्या 9,298 से बढ़कर 18,243 हो गई. 2014 में देश में 16 आईआईटी और 13 आईआईएम थे. अब इनकी संख्या 23 आईआईटी और 22 आईआईएम हो गई है. इसके अलावा देश में एक 31 एनआईटी है.
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प्लेसमेंट में भी हुआ इजाफा
छात्रों की संख्या बढ़ने के साथ प्लेसमेंट पाने वाले छात्रों की संख्या में भी अच्छी वृद्धि हुई है. 2015-16 से 2023-24 के बीच IIM में प्लेसमेंट की संख्या 7,552 से बढ़कर 13,693 हो गई. इस अवधि में आईआईटी में प्लेसमेंट 9,474 से बढ़कर 17,467 और एनआईटी में 18,492 से बढ़कर 28,468 हो गया. एसबीआई रिसर्च के अनुसार तीन संस्थाओं को मिलाकर औसत प्लेसमेंट दर करीब 93 प्रतिशत रही. हालांकि सभी छात्र सीधे नौकरी में नहीं जाते. आईआईटी और एनआईटी में 2023-24 के दौरान उच्च शिक्षा और रिसर्च के लिए जाने वाले छात्रों की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर रही.
सैलरी में भी आया बड़ा बदलाव
प्लेसमेंट के साथ इन संस्थाओं से निकलने वाले छात्रों की मीडियन सैलरी में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई. आईआईएम में मीडियन सैलरी 2015-16 के 28.5 लाख रुपये से बढ़कर 2023-24 में 43.6 लाख रुपये हो गई. आईआईटी में यह 17.6 लाख से बढ़कर 36.1 लाख रुपये, जबकि एनआईटी में 10.5 लाख से बढ़कर 20.7 लाख रुपये हो गई. यानी आईआईटी में मीडियन सैलरी दोगुनी से ज्यादा और एनआईटी में करीब दोगुनी हुई.
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