उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी और प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सोनिया गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि बाबरी मस्जिद गिराए जाने के दौरान वह रो रही थीं, मौलाना ने कहा कि सिर्फ सोनिया गांधी ही नहीं, बल्कि पूरा मुल्क रो रहा था. वह देश के संविधान का काला दिवस था.
मौलाना यासूब अब्बास ने आगे कहा कि मामला सिर्फ एक इमारत के गिरने का नहीं था, बल्कि भारत के संविधान का था. उस दिन संविधान को तार-तार कर दिया गया था और चंद लोग ही ऐसे थे जो हंस रहे थे.
अखिलेश यादव के अयोध्या जाने के दावे पर क्या कहा?
वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 12 नवंबर को अयोध्या जाकर दर्शन करने के दावे पर मौलाना ने इसे अच्छी बात बताया. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार कहीं भी दर्शन के लिए जा सकता है. मंदिर किसी एक की जागीर नहीं है और न ही मस्जिद किसी एक की जागीर है. इंसान मन की शांति के लिए मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे जाता है.
‘अखिलेश के अयोध्या दौरे को चुनाव से जोड़ना ठीक नहीं’
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के अयोध्या जाने को 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखना मुनासिब नहीं है. किसी के पहनावे और धार्मिक आस्था पर सवाल उठाना भी उचित नहीं है.
‘सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं दे सकते चुनौती’
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि एक पक्ष आज भी मंदिर को स्वीकार नहीं करता, तो क्या अखिलेश यादव की सरकार बनने पर वह इस मुद्दे को उठाने की मांग करेंगे? इस पर मौलाना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट देश की सर्वोच्च अदालत है और उसके फैसले को कोई चुनौती नहीं दे सकता.
बाराबंकी से रवाना होते समय मौलाना यासूब अब्बास के इस बयान के बाद बाबरी विध्वंस, संविधान और अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है.














