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परविंदर सिंह झोटा का 26 दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार, मानसा में दी गई विदाई


एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा का रविवार (8 नवंबर) को उनके पैतृक स्थान मानसा में अंतिम संस्कार कर दिया गया. अंतिम संस्कार से पहले बड़ी संख्या में लोग झोटा के घर भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे. दरअसल, झोटा की 26 दिन पहले हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन हुए और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था.

शनिवार को पीजीआईएमईआर में पोस्टमार्टम के बाद झोटा का शव चंडीगढ़ से मानसा लाया गया. उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. उनका अंतिम संस्कार चकेरियां रोड स्थित उनके खेतों में किया गया.

13 अक्टूबर को हुई थी हत्या

झोटा की 13 अक्टूबर को दिनदहाड़े मानसा शहर के एक व्यस्त बाजार स्थित मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उस समय वह फेसबुक पर लाइव प्रसारण कर रहे थे. एक बुजुर्ग को नशे की दवाएं बेचने को लेकर झोटा ने स्टोर मालिक से सवाल किया था, जिसके बाद उसने उन पर गोली चला दी थी. बाद में स्टोर मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया.

पिता ने युवाओं से किया आह्वान

झोटा के पिता भीम सिंह ने पंजाब के युवाओं से मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ संकल्प लेने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने इस बुराई के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान दे दी. उन्होंने रविवार को संवाददाताओं से कहा, ”मैं संयुक्त कार्रवाई समिति का आभार व्यक्त करता हूं, जो शुरू से अंत तक हमारे साथ खड़ी रही.”

संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) को परविंदर सिंह झोटा इंसाफ एक्शन कमेटी के नाम से भी जाना जाता है. यह विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं का गठबंधन है और इसका गठन झोटा की हत्या के बाद पंजाब में किया गया था.

परिवार ने खत्म किया धरना

बुधवार (चार नवंबर) को पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद परिवार ने 22 दिन से जारी धरना समाप्त करके पोस्टमार्टम कराने पर सहमति जताई थी. इसके बाद शुक्रवार तड़के झोटा का पार्थिव शरीर मानसा के सिविल अस्पताल के शवगृह से चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर लाया गया.

इन मांगों को लेकर दिया था धरना

ड्रग एक्टिविस्ट के परिजन और जेएसी के सदस्य झोटा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मानसा में धरने पर बैठे थे. धरने के दौरान 28 अक्टूबर को जेएसी के दो सदस्यों लखवीर सिंह और मोहंजीत सिंह शेरों को गिरफ्तार कर लिया गया था.

पांच नवंबर की शाम को जेएसी के सदस्यों को नाभा जिला जेल से रिहा कर दिया गया. इससे पहले चार नवंबर को विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां सहित सरकार के प्रतिनिधियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच बैठक हुई थी.

ये भी पढ़ें: पंजाब: अबोहर में दीपावली पर बड़ा हादसा, हार्डवेयर की दुकान में लगी भीषण आग



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