• Home
  • ताजा खबरें
  • जोधपुर: आसाराम की पैरोल खत्म, देर रात जेल पहुंचने पर क्यों नहीं मिली एंट्री?
Image

जोधपुर: आसाराम की पैरोल खत्म, देर रात जेल पहुंचने पर क्यों नहीं मिली एंट्री?


नाबालिग छात्रा से यौन शोषण के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की पैरोल सोमवार (26 अक्टूबर) को खत्म हो गई. पैरोल पूरी होने के बाद वह एयर एंबुलेंस से इंदौर से जोधपुर पहुंचे. इसके बाद उन्हें सीधे जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया, लेकिन देर रात पहुंचने के चलते उनकी जेल वापसी का मामला उलझ गया. रात करीब 11 बजे जेल पहुंचने पर उन्हें अंदर प्रवेश नहीं मिला. इसके बाद आसाराम एंबुलेंस में बैठकर वापस निकल गए. इस दौरान जेल के बाहर उनके समर्थकों की भीड़ जुटी रही.

आसाराम की पैरोल अवधि पूरी होने के बाद उन्हें वापस जेल लौटना था. इसके लिए वह एयर एंबुलेंस से इंदौर से जोधपुर पहुंचे. एयरपोर्ट से उन्हें सीधे सेंट्रल जेल ले जाया गया. हालांकि, जेल पहुंचने का समय उनके लिए परेशानी का कारण बन गया.

सिरोही में पंचायतीराज चुनाव की वोटिंग आज, 3.54 लाख मतदाता करेंगे मतदान

जानकारी के मुताबिक, आसाराम रात करीब 11 बजे जेल पहुंचे थे. जेल अधीक्षक के आदेश के अनुसार उन्हें सूर्यास्त तक जेल में प्रवेश करना था. निर्धारित समय बीत जाने के चलते जेल प्रशासन ने उन्हें उस समय अंदर नहीं लिया. इसके बाद वह एंबुलेंस में ही बैठकर वहां से वापस निकल गए.

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जेल के बाहर समर्थकों की भीड़ मौजूद रही. देर रात हुए इस घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठने लगा कि पैरोल समाप्त होने के बाद आसाराम की जेल में वापसी अब किस प्रक्रिया के तहत होगी.

सूर्यास्त के बाद जेल में प्रवेश को लेकर फंसा पेच

जेल में बंदियों की वापसी और प्रवेश के लिए तय नियमों का पालन किया जाता है. बताया जा रहा है कि सूर्यास्त तक जेल पहुंचने की शर्त के कारण आसाराम की वापसी में दिक्कत आई.

हालांकि, इस मामले में जेल प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है. यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि आसाराम को दोबारा जेल में लाने के लिए आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी.

पैरोल खत्म होने के बाद उनकी जेल वापसी जरूरी थी, लेकिन देर रात पहुंचने के कारण मामला चर्चा में आ गया. अब सबकी नजर इस बात पर है कि जेल प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है.

क्या है आसाराम से जुड़ा पूरा मामला?

आसाराम को नाबालिग गुरुकुल छात्रा से यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराया गया था. यह मामला साल 2013 में सामने आया था. पीड़िता के माता-पिता अपनी बेटी को इलाज के लिए जोधपुर के मणाई आश्रम लेकर पहुंचे थे. उन्हें बताया गया था कि छात्रा पर भूत-प्रेत का साया है और आसाराम उसकी मदद कर सकते हैं.

बताया गया कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आश्रम में छात्रा के बेहोश होने के बाद वहां मौजूद एक अनुयायी ने उसके माता-पिता को आसाराम के पास ले जाने की सलाह दी थी. इसके बाद माता-पिता छात्रा को लेकर जोधपुर पहुंचे.

मणाई आश्रम में छात्रा के साथ क्या हुआ था?

आरोप के मुताबिक, मणाई आश्रम में माता-पिता ने छात्रा को आसाराम की कुटिया में भेज दिया और खुद बाहर बैठकर जाप करने लगे. इसी दौरान आसाराम ने छात्रा के साथ यौन शोषण किया.

आरोप यह भी था कि घटना के बारे में किसी को बताने पर उसके माता-पिता को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई. घर लौटने के बाद छात्रा ने अपने माता-पिता को पूरी बात बताई. इसके बाद परिवार ने कानूनी कार्रवाई का फैसला किया और मामला पुलिस तक पहुंचा.

दिल्ली में दर्ज हुई थी जीरो एफआईआर

इस मामले में 19 अगस्त 2013 को दिल्ली के कमला नगर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई गई. इसके बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. बाद में एफआईआर जोधपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई.

राजस्थान में IAS-IPS दंपत्ति पर भ्रष्टाचार के आरोप, 40 विला खरीदे, विपक्ष के निशाने पर सरकार

जोधपुर पुलिस ने जांच के बाद 31 अगस्त और 1 सितंबर 2013 की दरमियानी रात इंदौर स्थित आश्रम से आसाराम को गिरफ्तार किया और जोधपुर लेकर आई. अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. बाद में अदालत ने उन्हें इस मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

फिलहाल, पैरोल समाप्त होने के बाद देर रात जोधपुर सेंट्रल जेल पहुंचने और प्रवेश नहीं मिलने का घटनाक्रम चर्चा में है. अब जेल प्रशासन की अगली कार्रवाई से ही उनकी वापसी की प्रक्रिया स्पष्ट होगी.



Source link

Related Posts

MP में परिवहन व्यवस्था की बदलती तस्वीर, बस नेटवर्क से जुड़ रहे 75% ग्राम पंचायत

मध्य प्रदेश सरकार आम लोगों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती बस परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने और प्रदेश की…

ByByPUJA KUMARI Oct 30, 2026

शंकरा आई फाउंडेशन के 5 दशक पूरे, CM मोहन यादव ने दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति में जीवात्मा की सेवा को ही सर्वोच्च धर्म…

ByByPUJA KUMARI Oct 30, 2026

जामिया में 2027 में होंगे छात्र संघ के चुनाव, यूनिवर्सिटी ने लिया बड़ा फैसला

जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की मांगों पर विचार करते हुए एक…

ByByPUJA KUMARI Oct 30, 2026

उत्तराखंड: डाक विभाग में 61 भर्तियां, 58 के हाई स्कूल में 100% नंबर

उत्तराखंड के डाक विभाग में हुई ग्रामीण डाक सेवकों की नई भर्ती लिस्ट ने सबको हैरत में डाल…

ByByPUJA KUMARI Oct 30, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top