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ईरान युद्ध की सीक्रेट जानकारी लीक करने का आरोप, ट्रंप ने US जनरल को नौकरी से निकाला


अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना के लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को गंभीर कदाचार के आरोप में पद से हटा दिया है. उन पर करीब एक साल तक ईरान और यूक्रेन युद्ध से जुड़ी गोपनीय सैन्य जानकारी दो अलग-अलग मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को देने का आरोप है. 

एक आंतरिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, सिल्विया ने पत्रकारों से जानकारी साझा करने की बात स्वीकार की है. जांच के दौरान वह तीन पॉलीग्राफ यानी झूठ पकड़ने वाले परीक्षणों में भी विफल रहे. मामला आगे की कार्रवाई के लिए अमेरिकी न्याय विभाग को भेज दिया गया है, जबकि जांच अभी जारी है.

कई पॉलीग्राफ परीक्षण रहे फेल
समाचार वेबसाइट एक्सियोस की ओर से देखी गई जांच रिपोर्ट के अनुसार, सिल्विया अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के रणनीति, योजना और नीति निदेशालय (J5) के प्रमुख थे. एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि कई पॉलीग्राफ परीक्षणों में विफल रहने के बाद सिल्विया ने वीडियो पर गोपनीय जानकारी साझा करने की बात स्वीकार की.

जून 2025 से पत्रकारों के संपर्क में थे सिल्विया
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, सिल्विया ने जून 2025 से पत्रकारों को गोपनीय जानकारी देना शुरू किया था. पेंटागन की ओर से मीडिया की पहुंच पर सख्ती बढ़ाए जाने के बाद भी यह सिलसिला जारी रहा. वह पत्रकारों से संपर्क करने के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप सिग्नल का इस्तेमाल करते थे. इसके अलावा उन्होंने वर्जीनिया के आर्लिंगटन स्थित सिल्वर डाइनर में एक पत्रकार से व्यक्तिगत मुलाकात भी की थी.

यह मुलाकात तब हुई, जब उस पत्रकार की पेंटागन में प्रवेश की अनुमति रद्द कर दी गई थी. पत्रकार एक किताब पर काम कर रहा था और सिल्विया से दो बार मिला था. एक मुलाकात के दौरान सिल्विया ने गोपनीय रिपोर्ट पढ़ते समय बनाए गए नोट्स की मदद से अमेरिका की ओर से यूक्रेन को दी जा रही सहायता से जुड़ी जानकारी मौखिक रूप से साझा की.

रिपोर्ट के अनुसार, सिल्विया ने इन मुलाकातों के बारे में पेंटागन के जनसंपर्क कार्यालय को जानकारी नहीं दी थी. उन्होंने गोपनीय सूचनाएं साझा करने से पहले जरूरी अनुमति भी नहीं ली थी.

सिग्नल पर संदेश और कॉल डिलीट करने का मामला
जांच में सिल्विया के एक पत्रकार के साथ हुए संवाद को लेकर भी सवाल उठे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, जून या जुलाई में उन्हें सिग्नल पर एक संदेश मिला था, जिसके ईरान से जुड़ा होने की आशंका थी. सिल्विया ने जांचकर्ताओं से कहा कि उन्हें संदेश की पूरी जानकारी याद नहीं है और उन्होंने गलती से पूरी बातचीत डिलीट कर दी थी.

इससे उनके निजी फोन से सिग्नल पर भेजे गए संदेश और की गई कॉल भी हट गईं, जिन्हें जांच के दौरान बरामद किया जा सकता था. अमेरिकी अधिकारियों को संदेह है कि सिल्विया ने जानबूझकर ये संवाद मिटाए और इसे गलती से हुई कार्रवाई बताया.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सिल्विया ने स्वीकार किया कि वह उन 20 अधिकारियों में शामिल थे, जिनका नाम पेंटागन के नेतृत्व की आलोचना करने वाली एक मीडिया रिपोर्ट में आया था.

सिल्विया के समर्थन में बयान जारी कराने की कोशिश
एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि कार्यवाहक सेना सचिव एडम टेल और उनके कार्यालय ने ज्वाइंट स्टाफ पर सिल्विया के समर्थन में बयान जारी करने का दबाव बनाया था. इसका मकसद भविष्य में उन पर लगने वाले आरोपों से होने वाले नुकसान को कम करना था. हालांकि, बाद में ज्वाइंट स्टाफ ने यह बयान वापस ले लिया. रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने उसे सिल्विया को पद से हटाए जाने के कारणों की जानकारी दी थी.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से गुरुवार को जब इस कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सिल्विया को “बड़ी समस्याएं” हैं और उनका प्रशासन “गोपनीय जानकारी लीक करने वालों की तलाश में पूरी तरह जुटा है.” इस दौरान ट्रंप ने सिल्विया के लिए महिला लिंग वाले सर्वनाम का इस्तेमाल किया.

ईरान युद्ध की योजना बनाने में नहीं थी भूमिका
अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने अल जजीरा को भी पुष्टि की कि सिल्विया के खिलाफ ईरान युद्ध, यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध और अन्य मामलों से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक करने की जांच चल रही थी. अधिकारी ने कहा कि सिल्विया तीन पॉलीग्राफ परीक्षणों में विफल रहे और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप है.

हालांकि, अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध की मुख्य योजना बनाने में सिल्विया की भूमिका नहीं थी. इसकी जिम्मेदारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और उसके कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के पास थी.

गोपनीय जानकारी लीक करने वालों पर हेगसेथ की सख्ती
सिल्विया को हटाना मीडिया में बिना अनुमति गोपनीय जानकारी साझा करने वालों के खिलाफ हेगसेथ की कार्रवाई का हिस्सा है. जुलाई में पेंटागन ने अमेरिकी न्याय विभाग के साथ मिलकर गोपनीय जानकारी लीक करने वालों की पहचान के लिए संयुक्त टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की थी. साथ ही, पेंटागन के कानूनी सलाहकार कार्यालय को गोपनीय सूचनाएं बिना अनुमति सार्वजनिक करने के मामलों में मुकदमा चलाने को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया था.

अक्टूबर 2025 में पेंटागन ने पत्रकारों की पहुंच और रिपोर्टिंग को लेकर सख्त नियम लागू किए थे. इसके विरोध में कई समाचार संस्थानों और रक्षा मामलों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों ने अपने प्रेस पास लौटा दिए थे.

हेगसेथ के कार्यकाल में J5 के पद से हटाए जाने वाले सिल्विया दूसरे सैन्य अधिकारी हैं. उनसे पहले इस पद पर रहे लेफ्टिनेंट जनरल जोसेफ मैक्गी को पिछले साल अक्टूबर में सेवानिवृत्ति लेने के लिए मजबूर किया गया था. एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, सिल्विया की जगह अभी किसी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है.

यह भी पढ़िएः Explained: क्या अरब दलों के समर्थन से गिर पाएगी नेतन्याहू सरकार? पूरा गणित समझ लीजिए

 



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