पंजाब के लुधियाना में ढाई साल की मासूम बच्ची को जिंदा दफनाने के सनसनीखेज मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. बच्ची की पड़ोसन नीलम को सेशन कोर्ट से मिली फांसी की सजा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया है. हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक नीलम को अब 30 साल तक जेल में रहना होगा और इस अवधि में उसे किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी.
मामला 28 नवंबर 2021 का है. आरोप था कि बच्ची के पिता अपने बच्चों के लिए खिलौने और दूसरी चीजें लेकर आते थे. पड़ोसन नीलम के बच्चे भी उन चीजों को देखकर ऐसी ही मांग करते थे. आरोप के मुताबिक, अपनी आर्थिक स्थिति और इन मांगों को पूरा न कर पाने की रंजिश में नीलम ने बच्ची को निशाना बनाया.
नीलम ने पड़ोस की बच्ची को सुनसान जगह ले जाकर किया था दफन
बताया गया कि नीलम बच्ची को एक्टिवा पर बैठाकर एल्डिको के पास एक सुनसान जगह ले गई. वहां पहले से खोदे गए गड्ढे में बच्ची को जिंदा दफना दिया गया. बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. CCTV फुटेज में नीलम बच्ची को अपने साथ ले जाती दिखाई दी. पूछताछ के दौरान पुलिस के मुताबिक उसने अपराध कबूल किया और उसकी निशानदेही पर बच्ची के शव को बरामद किया गया.
सेशन कोर्ट ने नीलम को सुनाई थी फांसी की सजा
करीब दो साल पहले सेशन कोर्ट ने नीलम को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. सजा सुनाए जाने के दौरान नीलम अदालत में रो पड़ी थी और जज से रहम की गुहार लगाते हुए कहा था कि उसके भी दो बच्चे हैं. लेकिन उस समय सेशन कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोई नरमी नहीं बरती.
नीलम ने फांसी की सजा के खिलाफ खटखटाया था HC का दरवाजा
इसके बाद नीलम ने फांसी की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. 23 सितंबर को हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया. हालांकि, 30 साल की जेल की अवधि के दौरान उसे किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी. यानी जिस मामले में निचली अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी, उसमें अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद नीलम को 30 साल की कठोर जेल अवधि का सामना करना होगा.
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