ब्लैक सी में तुर्किए के एमवी रोयाद मम्मादोव नाम के कमर्शियल कार्गो शिप पर ड्रोन हमले के बाद हड़कंप मच गया. जहाज पर 3 भारतीय भी सवार थे. भारतीय दूतावास के मुताबिक 3 में से 1 घायल हुआ है. उसका इलाज रोमानिया में चल रहा है. रोमानियाई अधिकारियों के मुताबिक घटना में 2 विदेशी क्रू मेंबर की मौत हुई है. जहाज से 11 लोगों को बचाया गया.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने ड्रोन हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि जहाज को दो रूसी ड्रोन ने निशाना बनाया. जेलेंस्की के मुताबिक जहाज में भारतीय और अजरबैजानी नागरिक सवार थे.
⚠️ 🇷🇴 🇺🇦 Emergency teams launched a large-scale rescue mission in the Black Sea following a suspected Russian drone attack on a Turkish cargo ship transporting grain near the Romanian shoreline. According to Romania’s Interior Ministry, 11 sailors were saved and two died in the incident. 📹 @InsiderGeo https://t.co/j3h3YdEoAG https://t.co/UZovbmMgMO
— The Tectonic (@thetect0nic) October 5, 2026
जहाज में लगी आग, फिर डूब गया
एमवी रोयाद मम्मादोव पर मक्का लदा हुआ था, जिसे यूक्रेन के इजमेल बंदरगाह से इटली के रावेना ले जाया जा रहा था. इजमेल यूक्रेन के डेन्यूब नदी क्षेत्र का अहम बंदरगाह है. जहाज पर सेंट किट्स एंड नेविस का झंडा लगा हुआ था, जो तुर्किए का था. हमले के बाद जहाज में आग लग गई और बाद में डूब गया.
तीन भारतीयों की स्थिति क्या है?
रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि जहाज के क्रू में 3 भारतीय नागरिक थे. दूतावास ने तीनों से संपर्क किया. इनमें से एक भारतीय घायल है और उसका रोमानिया में इलाज चल रहा है. दूतावास ने कहा कि वह अस्पताल और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और घायल भारतीय क्रू मेंबर को हर संभव मदद दी जा रही है.
11 क्रू सदस्यों को बचाया गया
रोमानिया के अधिकारियों के मुताबिक जहाज से 11 क्रू सदस्यों को बचा लिया गया. जहाज में आग लगने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. हादसे में दो विदेशी नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है. रिपोर्टों के मुताबिक घटना रोमानिया के तट से करीब 30 समुद्री मील दक्षिण में हुई. यह इलाका रोमानिया के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में आता है, लेकिन उसके क्षेत्रीय समुद्री जल से बाहर है.
ब्लैक शी में कमर्शियल जहाजों के लिए बढ़ा खतरा
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्लैक शी में कमर्शियल जहाजों के लिए खतरा लगातार बना हुआ है. ड्रोन, मिसाइल और समुद्री बारूदी सुरंगों से जुड़े जोखिम के बावजूद इस क्षेत्र से अनाज और दूसरे सामान ले जाने वाले जहाज गुजरते रहे हैं.















