राजस्थान के डूंगरपुर में नकली नोटों से जुड़े कथित इंटर स्टेट नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है. डूंगरपुर पुलिस के मुताबिक, मशहूर वेब सीरीज ‘फर्जी’ से प्रेरित होकर आरोपियों ने जाली भारतीय नोट छापने की योजना बनाई थी. इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क की कड़ियां राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ तक जुड़ी हुई थीं.
डूंगरपुर एसपी मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए गए ‘ऑपरेशन नोटफ्लिक्स’ के तहत यह कार्रवाई की गई. पुलिस के अनुसार, गिरोह के कथित सदस्यों ने नकली नोट तैयार करने के लिए डिजिटल फाइलों और विशेष कागज की व्यवस्था की थी. पुलिस जांच में ऑनलाइन माध्यमों और टेलीग्राम चैनल के जरिए कथित तौर पर सामग्री उपलब्ध कराने की जानकारी भी सामने आई है.
मुख्य आरोपी लुधियाना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, मामले के मुख्य आरोपी रवि कुमार मिश्रा को पकड़ने के लिए साइबर सेल और विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसका पीछा किया. करीब 1300 किलोमीटर की तलाश के बाद उसे पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितने जाली नोट तैयार किए और उसे कहां-कहां चलाने की कोशिश की.
माडा स्कूल ग्राउंड से शुरू हुई जांच, 4.95 लाख रुपये नकली नोट बरामद
डूंगरपुर पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत 29 सितंबर को हुई थी. पुलिस ने डूंगरपुर के माडा स्कूल ग्राउंड से भावेश खटीक और नयन जोशी को गिरफ्तार किया था. पुलिस का दावा है कि दोनों के पास से 4 लाख 95 हजार 500 रुपये की जाली मुद्रा बरामद हुई थी. पुलिस के मुताबिक, शुरुआती गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई और उनके संपर्कों की जांच शुरू की गई.
इसी दौरान पुलिस को कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद मामले की जांच को दूसरे राज्यों तक बढ़ाया गया.
पुलिस का कहना है कि जांच में डिजिटल फाइलों, विशेष कागज और ऑनलाइन संपर्कों की भूमिका सामने आई. इन्हीं जानकारियों के आधार पर पुलिस ने कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी.
भनक लगते ही लगातार ठिकाना बदल रहा था मुख्य आरोपी
डूंगरपुर पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी रवि कुमार मिश्रा पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद फरार हो गया था. पुलिस का दावा है कि वह लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल नंबर बदल रहा था, जिससे उसकी तलाश में चुनौती आ रही थी. इसके बाद डूंगरपुर पुलिस की साइबर सेल और विशेष टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की तलाश जारी रखी.
पुलिस के मुताबिक, टीम ने करीब 1300 किलोमीटर तक उसका पीछा किया और आखिरकार पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह के कथित नेटवर्क, उसके सदस्यों के आपसी संपर्क और जाली मुद्रा तैयार करने से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.
हरियाणा के युवक की भूमिका, वेब सीरीज से प्रेरित होने का दावा
डूंगरपुर पुलिस के मुताबिक, जांच में हरियाणा के अंबाला कैंट निवासी आनंद राजपूत की भूमिका सामने आई है. पुलिस का दावा है कि आनंद ने वेब सीरीज ‘फर्जी’ से प्रेरित होकर नकली नोट छापने का विचार विकसित किया था. कथित तौर पर इस काम के लिए फोटोशॉप और यूट्यूब की मदद ली गई. कागज की व्यवस्था ऑनलाइन माध्यमों से की गई. हालांकि, इस पूरे काम में प्रत्येक आरोपी की भूमिका, तैयार जाली नोट की मात्रा और उसके संभावित वितरण के संबंध में जांच अभी जारी है.
मोहम्मद आरिफ पर टेलीग्राम चैनल से कागज उपलब्ध कराने का आरोप
डूंगरपुर पुलिस के अनुसार, जांच में उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी मोहम्मद आरिफ की भूमिका भी सामने आई है. पुलिस का आरोप है कि आरिफ ने टेलीग्राम पर ‘अंकित पेपर सेलर’ चैनल के माध्यम से कागज उपलब्ध कराया था. पुलिस ने उसे कानपुर से गिरफ्तार किया. इसी तरह, पुलिस के मुताबिक छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी तरुण मालेकर पर 500 रुपये के नोट से संबंधित डिजिटल फाइल उपलब्ध कराने का आरोप है. उसे दुर्ग से गिरफ्तार किया गया.
पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ में भी कार्रवाई की गई. जांच एजेंसियां अब इन कथित संपर्कों के जरिए नेटवर्क के दायरे और अन्य संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही हैं.
डूंगरपुर पुलिस ने 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की
डूंगरपुर पुलिस के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार 6 आरोपियों में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी 25 वर्षीय रवि कुमार मिश्रा, हरियाणा के अंबाला कैंट निवासी 20 वर्षीय आनंद राजपूत, उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी मोहम्मद आरिफ, छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी 27 वर्षीय तरुण मालेकर और डूंगरपुर निवासी 23 वर्षीय भावेश खटीक तथा 19 वर्षीय नयन जोशी शामिल हैं.
पुलिस के मुताबिक, इन गिरफ्तारियों के बाद कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क की कई कड़ियों की जानकारी मिली है. हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी. पुलिस की जांच अभी जारी है और इस मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका से भी इनकार नहीं किया गया है.
SP मनीष कुमार ने पुलिस टीम की सराहना की
डूंगरपुर पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में साइबर सेल, विशेष टीम और संबंधित थानों की पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. SP मनीष कुमार ने कार्रवाई में शामिल टीमों के प्रयासों की सराहना की है. पुलिस के मुताबिक, टीमों को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई है. फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
व्हाट्सएप यूजर्स सावधान! QR कोड और OTP से अकाउंट पर कब्जा कर रहे साइबर ठग














