दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद की बिजली और पानी का कनेक्शन बहाल करने से इनकार कर दिया. करीब 100 साल पुरानी रेस कोर्स मस्जिद, 7 लोक कल्याण मार्ग के पास रेस कोर्स क्लब परिसर में स्थित है. मस्जिद के इमाम मोहम्मद हारून ने 12 अक्टूबर को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बिजली-पानी की सप्लाई बहाल करने की मांग की थी.
रेस कोर्स मस्जिद की बिजली और पानी की सप्लाई 7 अक्टूबर को काट दी गई थी. इसके बाद दिल्ली वक्फ बोर्ड ने भी एनडीएमसी को पत्र लिखकर कनेक्शन बहाल करने की मांग की थी. वक्फ बोर्ड का कहना था कि बिना नोटिस दिए बिजली-पानी के कनेक्शन काटे गए जबकि बिल का भुगतान किया जा चुका था.
एनडीएमसी ने हाई कोर्ट में क्या कहा?
एनडीएमसी ने हाई कोर्ट में कहा कि इलाके में झुग्गियों को हटाने का काम जारी है. ऐसे में बिजली बहाल करने से लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. इस पर कोर्ट ने कहा कि मस्जिद परिसर के मूल कब्जाधारी वक्फ बोर्ड ने बिजली काटे जाने को चुनौती नहीं दी है.
हारून का मस्जिद परिसर पर अपना कोई अधिकार नहीं- HC
अदालत ने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड द्वारा नियुक्त इमाम होने के नाते हारून का परिसर पर अपना कोई अधिकार नहीं है इसलिए वह बिजली कटने को अपने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं बता सकते.
मस्जिद का नाम 1977 की गजट अधिसूचना में दर्ज
रेस कोर्स मस्जिद का नाम दिल्ली प्रशासन की 8 सितंबर 1977 की गजट अधिसूचना में दर्ज है. यह वक्फ संपत्ति है और 2009 में इसे ग्रेड-2 विरासत संरचना के रूप में अधिसूचित किया गया था. इस इलाके में करीब 700 झुग्गीवासियों को हटाने का मामला भी कोर्ट में पहुंचा था.
इन लोगों को बाद में करीब 50 किलोमीटर दूर सावदा घेवरा में बसाया गया. फिलहाल दिल्ली वक्फ बोर्ड का निर्वाचित निकाय अगस्त 2023 में अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद से दोबारा गठित नहीं हुआ है.
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