सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी के आंदोलन और अभिजीत दीपके की ओर से पीएम मोदी को लेकर दिए बयानों पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अभिजीत दीपके के दिमाग में ज्यादा हवा चली गई है. ये प्रधानमंत्री के बारे में उल्टी सीधी बात करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा साहब का अपमान कर रहे हैं.
रामदास अठावले ने कहा, ”अभिजीत दीपके बोलता है कि प्रधानमंत्री की कितनी पढ़ाई हुई थी. उनको ये पूछने का क्या अधिकार है? ये बाबा साहेब का इसी तरह अपमान करता रहेगा तो जनता इनके खिलाफ आवाज उठाएगी.”
सीजेपी सिर्फ इस्तीफा मांगने के लिए आंदोलन करते हैं- अठावले
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, ”कॉकरोच जनता पार्टी के पास दूसरा और कोई काम नहीं है. वो खाली इस्तीफा मांगने के लिए आंदोलन करते रहते हैं. उनको आंदोलन करने का अधिकार है. लेकिन अभिजीत दीपके बाबा साहब का अपमान कर रहे हैं. दीपके शिवाजी पार्क में जाते हैं लेकिन 100 मीटर पर वहां बाबा साहब आंबेडकर जी की चैत्य भूमि है, वहां नहीं जाते हैं.”
अनावश्यक विषय पर आंदोलन ठीक नहीं- अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने एसआईआर को लेकर कहा, ”अभी ज्ञानेश कुमार जी की इस्तीफे की मांग बहुत तेजी से चल रही है. लोकतंत्र में सभी को आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन अनावश्यक विषय पर आंदोलन करके अपनी ताकत खर्च करना ठीक नहीं है. मुझे लगता है कि ज्ञानेश कुमार ने जो एसआईआर लाया था, उसमें यह था कि 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए, इसी तरह की बहस अभी हो रही है, आरोप लगाए जा रहे हैं लेकिन मेरे पास उसके आंकड़े हैं, जो 13 करोड़ लोगों के जो नाम हटाए गए थे, उसमें कम से कम 2 करोड़ 8 लाख जो लोग हैं, उनकी डेथ हो चुकी है, उनके नाम निकालना जरूरी था.
एसआईआर इसलिए था कि पारदर्शी चुनाव हो- अठावले
उन्होंने आगे कहा, ”दूसरा जो 3 करोड़ लोग हैं, ये लोग लापता हैं. मतलब उनके नाम तो उधर है, लेकिन वोटिंग के लिए जाते नहीं हैं. इसके पहले भी उन्होंने कभी वोटिंग नहीं किया है. इसीलिए वो 6 करोड़ 3 लाख लोगों के नाम इलेक्शन कमिशन को हटाने पड़े हैं. एसआईआर इसलिए था कि पारदर्शी चुनाव हो.”
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