
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 12वीं में साइंस पढ़ने वाले और मई 2027 तक बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थी इस प्रोग्राम के लिए एलिजिबल होंगे. विद्यार्थियों का चयन संयुक्त दक्षणा चयन परीक्षा 2027 के माध्यम से किया जाए.

इस योजना का लाभ उठाने के लिए कक्षा 10वीं के गणित और साइंस विषयों में प्राप्त अंकों को आधार बनाया गया है. इसमें जेईई की कोचिंग के लिए कक्षा 10वीं में गणित और विज्ञान में छात्रों के कम से कम 85 प्रतिशत अंक अनिवार्य है. इसके अलावा छात्राओं को प्रोत्साहन देने के लिए 5 प्रतिशत की विशेष छूट दी गई है, जिसके बाद छात्राओं के लिए 80 प्रतिशत अंक तय किए गए हैं. वहीं ओबीसी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के लिए भी नियमानुसार अलग से छूट के मानक लागू होंगे.

वहीं नीट की कोचिंग के लिए जनरल कैटेगरी के बच्चों के लिए 10वीं में साइंस और मैथ्स विषय में 80 प्रतिशत अंक ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक और एससी-एसटी वर्ग के बच्चों के लिए 65 प्रतिशत अंक होना जरूरी है.

इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को अवसर देना है. इसलिए परिवारिक वार्षिक आय की सीमा भी इसमें निर्धारित की गई है. इसमें छात्रों के लिए परिवार की कुल वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए. वहीं छात्राओं के लिए कुल वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए.

परीक्षा के जरिए चुने गए छात्र-छात्राओं को उनकी 12वीं की पढ़ाई पूरी होने के बाद तैयारी के लिए पुणे के पास स्थित दक्षणा वैली परिषद ले जाया जाएगा. वहां उन्हें 1 साल तक की जेईई या नेट की कोचिंग के साथ रहने और खाने की पूरी व्यवस्था मुफ्त दी जाएगी, ताकि वह बिना किसी आर्थिक चिंता के अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सके.

इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए छात्र समाज कल्याण विभाग में सर्वोदय विद्यालयों के सभी प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वह एलिजिबल विद्यार्थियों को इस योजना की जानकारी दें और उन्हें फॉर्म भरने के लिए प्रेरित करें. इस योजना के लिए इच्छुक छात्र दक्षणा फाउंडेशन के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.
Published at : 23 Oct 2026 08:25 AM (IST)
















