दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई विमान की घटना के बाद ओमान के पायलट को लेकर बड़ा दावा किया गया है. इजरायली अधिकारी के अनुसार भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को चाकू मारा और विमान पर कब्जा करने की कोशिश की. अधिकारियों का कहना है कि इस को-पायलट के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच से पता चला है कि वह कट्टरपंथी था और उसने इंटरनेट पर यहूदियों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले और उन्हें मारने की बात कहने वाले पोस्ट लिखे थे.
टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने बताया, ‘हमलावर ने यूएई के क्रू मेंबर्स से उसे मार डालने के लिए भी कहा. वह सुसाइड को तैयार था. वह जिहादी मानसिकता से बहुत ज्यादा प्रभावित था. वह यहूदियों को मारने की बात करता था.’
सुसाइड को तैयार था को-पायलट
ओमान के रहने वाले इस को-पायलट को सऊदी अरब में गिरफ्तार किया गया. फ्लाइट में मौजूद यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों की बहादुरी की वजह से विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई जा सकी. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अनुसार आरोपी को काबू में किए जाने के बाद वह खुद को मार डालने की बातें कह रहा था. उसके निजी सामान और सोशल मीडिया से यह सबूत मिले हैं कि वह जिहादी विचारधारा से प्रभावित था. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में आरोपी के ईरान से तार जुड़े होने की आशंका जताई है.
यूएई की अगुवाई में जांच शुरू
इसरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘आरोपी को-पायलट आत्महत्या करने और विमान को तबाह करने के इरादे से आया था. पकड़े जाने के बाद वह मुझे मार दो, मुझे मार दो चिल्ला रहा था.’ घटना के बाद इसराइल की परिवहन मंत्री मीरी रेगेव ने सुरक्षा समीक्षा के तहत फ्लाईदुबई की उड़ानों को निलंबित कर दिया है. इस बात की भी जांच की जा रही है कि आरोपी कॉकपिट तक धारदार हथियार कैसे ले गया. मामले की मुख्य जांच UAE का प्रॉसिक्यूटर जनरल कार्यालय कर रहा है, जिसमें सऊदी अरब, इजरायल, अमेरिका और ओमान की एजेंसियां सहयोग कर रही हैं. सऊदी अरब ने आरोपी को यूएई के हवाले कर दिया है.














