मुंबई के सायन अस्पताल में सर्जरी विभाग के प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. शिवशरणप्पा पाटिल की 10 अक्टूबर 2026 को आत्महत्या कर ली. जानकारी के मुताबिक काम के अतिरिक्त दबाव के चलते डॉक्टर ने ये कदम उठा लिया. वहीं इस घटना पर बीएमसी महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (BMC MARD) और सायन MARD ने गहरा दुख जताया है. संगठन ने डॉक्टर के परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.
BMC MARD ने इस दुखद घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य और कामकाज की परिस्थितियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है. संगठन का कहना है कि लंबे समय तक ड्यूटी, काम का अत्यधिक दबाव और कर्मचारियों की कमी जैसे मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है. हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया कि इस घटना के पीछे की परिस्थितियां अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन रेजिडेंट डॉक्टरों के सामने मौजूद चुनौतियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए.
ये भी पढ़ें: ठाकरे जूनियर्स पर FIR! मुंबई प्रोटेस्ट के बीच आदित्य और अमित पर लगे ये आरोप
रिपोर्ट में रेजिडेंट डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता
BMC MARD के मुताबिक, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर गठित टास्क फोर्स की रिपोर्ट में सामने आया था कि पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टरों में से 31.2 प्रतिशत ने आत्महत्या के विचार आने की बात कही थी. इसके अलावा, PubMed में सूचीबद्ध एक शोधपत्र में वर्ष 2010 से 2019 के बीच भारत में रेजिडेंट डॉक्टरों की आत्महत्या से मौत के 105 मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है.
36 घंटे से ज्यादा लगातार ड्यूटी पर भी जताई चिंता
BMC MARD ने कहा कि संगठन लगातार रेजिडेंट डॉक्टरों की लंबी ड्यूटी, कर्मचारियों की कमी और अत्यधिक काम के बोझ का मुद्दा उठाता रहा है. संगठन के अनुसार, रेजिडेंट डॉक्टरों में नींद की कमी और काम के दबाव से होने वाली थकान की समस्या व्यापक है. कुछ मामलों में लगातार 36 घंटे से अधिक ड्यूटी करने की स्थिति भी सामने आई है.
संगठन का कहना है कि ये केवल प्रशासनिक समस्याएं नहीं हैं, बल्कि इनका डॉक्टरों के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और मरीजों को सुरक्षित इलाज देने की क्षमता पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है.
NMC और संबंधित अधिकारियों से तत्काल कदम उठाने की मांग
BMC MARD ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और संबंधित अधिकारियों से रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए मानवीय और निर्धारित कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करने की मांग की है. संगठन ने कहा कि इसके लिए ड्यूटी के घंटों को नियमित करना, पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराना, आराम के लिए अनिवार्य समय देना और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को सुलभ बनाना जरूरी है.
‘डॉक्टर्स की अनदेखी नहीं होनी चाहिए’
BMC MARD ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टर मरीजों की देखभाल के लिए लगातार समर्पित रहते हैं, लेकिन उनके अपने स्वास्थ्य और कल्याण की अनदेखी नहीं होनी चाहिए. इस दुखद घटना के बाद कामकाज की परिस्थितियों में सुधार और डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए.
संगठन ने सायन MARD और सायन अस्पताल के पूरे मेडिकल समुदाय के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि वह सभी रेजिडेंट डॉक्टरों के अधिकारों, सम्मान और कल्याण के लिए अपनी आवाज उठाता रहेगा.
ये भी पढ़ें: उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका, प्रवक्ता आनंद दुबे ने छोड़ी पार्टी














