• Home
  • ताजा खबरें
  • ‘जो लोग मुझे चवन्नी नहीं मान रहे…’, आगरा में RLD चीफ जयंत चौधरी की हुंकार
Image

‘जो लोग मुझे चवन्नी नहीं मान रहे…’, आगरा में RLD चीफ जयंत चौधरी की हुंकार


उत्तर प्रदेश के आगरा के फतेहपुर सीकर के जैगारा में राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी स्वाभिमान जनसभा पहुंचे. इस दौरान रालोद चीफ जयंत चौधरी ने बिना किसी का नाम लिए चवन्नी वाले विवाद पर भी बयान दिया.

स्वाभिमान जनसभा में पहुंचे रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा एक बात कहना चाहता हूं बात कीमत की थी. जो लोग मुझे एक चवन्नी भी नहीं मान रहे, कह रहे हैं कि चवन्नी हूं. मैं उनको बताना चाहता हूं, मैं तो चवन्नी भी नहीं. ब्रज रज के एक चुटकी लायक भी मैं अपने आप को नहीं मानता हूं. ब्रज रज की अहमियत आप लोग जानते हैं. 

मेरी लज्जा की रक्षा भी आप कर सकते हो- जयंत चौधरी

जयंत चौधरी ने कहा कि जिस ब्रज की रज के लिए कहा था कि ब्रज की रज में मिले यह रज…रज में यमुना नीर धन्य भाग वो जीव के जो जामे तजे शरीर. तो ब्रज की रज वो रज है यहां देश दुनिया से आदमी आता है और एक चुटकी लेके अपने माथे पे लगा के प्रसन्न होकर घर लौट जाता है मैं तो उस माटी के बराबर नहीं हूं, और माटी के लाल मेरे सामने खड़े हैं. रालोद नेता ने कहा कि मैं जानता हूं कि मेरी लज्जा की रक्षा भी आप कर सकते हो. 

रिश्तों को निभाना नहीं सीखोगे तो कौन खड़ा होगा साथ?- जयंत चौधरी

रालोद नेता ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया का जमाना है, वहां से उन्होंने शिगूफा छोड़ा. उन्होंने कुछ कोशिश की, कुछ वार किए लेकिन वह तीर मुझ तक नहीं पहुंच पा रहा. वह तीर ठीक नहीं बैठा, अब उन्हें लगता है कि यह बात कही क्यों गई? शायद मुझे नहीं कहना चाहिए था. रिश्तों को निभाना नहीं सीखोगे तो कौन खड़ा होगा साथ? आज मुझे आप मेरी कीमत बताना चाहते हो, कीमत तो मैं बता देता हूं. दो चार साल पुरानी है, जब लोकदल के हमारे विधायक कम ही हैं, उत्तर प्रदेश विधानसभा में लेकिन जितने हैं जब वह साथ थे तो तीन राज्यसभा जीतते थे और अबकी बार एक भेज पा रहे हो.

अखिलेश एथेनॉल का विरोध करते हैं- जयंत चौधरी

इस दौरान किसानों को लेकर जयंत चौधरी ने कि खेती किसानी के संबंध में मैं यह कहूंगा कि जहां एक तरफ पश्चिमी यूपी में गन्ने की व्यवस्थित फसल है और जिस पर अभी मैंने कटाक्ष की. क्योंकि अखिलेश एथेनॉल का विरोध करते हैं जो एथेनॉल गन्ने से बनेगा, आपके मक्का से बनेगा या आपकी धान से बनेगा, उसका विरोध करके तो आप सीधा किसानों का ही विरोध कर रहे हो. कोई फायदा नहीं पहुंचा रहे किसानों को. जहां एक तरफ गन्ने की बड़ी फसल है और वहां व्यवस्थित खरीद के लिए उद्योग है। इस पूरी बेल्ट में आप देखेंगे तो यहां मक्का हो सकता है, यहां सरसों हो सकती है. यहां आलू हो सकता है, यहां धान आपका बढ़िया हो रहा है. 



Source link

Related Posts

प्रशांत किशोर की ‘पोल खोलने’ की धमकी पर नीरज कुमार का जवाब, बोले- ‘मेरी कुंडली…’

बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड (JDU) के…

ByByPUJA KUMARI Oct 12, 2026

योगी सरकार संवार रही महर्षि भृगु की तपोभूमि, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

योगी सरकार ने बलिया जनपद की आध्यात्मिक और पौराणिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण…

ByByPUJA KUMARI Oct 12, 2026

मुंबई: काम के दबाव में सायन अस्पताल के डॉक्टर ने दी जान, सिस्टम पर उठे सवाल

मुंबई के सायन अस्पताल में सर्जरी विभाग के प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. शिवशरणप्पा पाटिल की 10…

ByByPUJA KUMARI Oct 12, 2026

विपक्षी दलों के मार्च पर अभिजीत दीपके बोले, ‘एक बार फिर लोगों का…’

इंडिया गठबंधन के ‘दिल्ली चलो मार्च’ पर कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी. एक्स…

ByByPUJA KUMARI Oct 12, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top