राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना में दवाइयों की अवैध सप्लाई और उनके संभावित गलत इस्तेमालके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. यहां तहसील के खटनावाली गांव में औषधि नियंत्रण विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सूखे कुएं से करीब 5 करोड़ रुपये की दवाइयां बरामद की हैं. टीम ने मौके से 274 कार्टून दवाइयां जब्त की हैं. दवाइयों की गुणवत्ता जांच के लिए 10 सैंपल लिए गए हैं.
मुखबिर से सूचना मिलने के बाद सहायक औषधि नियंत्रक भरतपुर के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची. स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सूखे कुएं की तलाशी ली गई. यहां बड़ी मात्रा में दवाइयां छिपाकर रखी मिलीं. इनमें हृदय रोग, डायबिटीज और एलर्जी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां शामिल हैं.
किस तरह की दवाइयां बरामद की गई?
बरामद की गईं दवाइयों में सामान्य दवाइयों के अलावा हृदय रोग, डायबिटीज और एलर्जी के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां भी शामिल हैं. बरामद की गई दवाइयों नें लोसार-50, जानुमेट, केटोरोल-एम, एलेग्रा-एम और जालरा जैसी दवाइयां शामिल हैं. औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयों को सूखे कुएं में छिपाकर रखना गंभीर और संदिग्ध मामला है. विभाग अब दवाइयों के बैच नंबर, निर्माण और एक्सपायरी डेट, निर्माता और सप्लाई चेन की जांच कर रहा है.
मामले की जांच शुरू
जांच इस एंगल से भी की जा रही है कि कहीं एक्सपायर दवाइयों को अवैध तरीके से बाजार में बेचने के लिए उनकी तारीख बदलकर तो नहीं रखा गया था. इसके लिए निर्माता स्तर से रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं. विभाग ने मामले की जानकारी उत्तर प्रदेश के औषधि अधिकारियों और संबंधित कंपनियों को भी दी.
इसके बाद आगरा में भी संबंधित दवाइयां जब्त की गईं और मलपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. राजस्थान में भी मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. जांच में दवाइयां नकली, मिलावटी या अवैध पाई गईं तो कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी.
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