उत्तर प्रदेश के लखनऊ में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अब नैमिष नगर और वरुण विहार के बाद एक और बड़ी आवासीय योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी में है. करीब 2 हजार एकड़ में प्रस्तावित प्रबंध नगर आवासीय योजना के सामने मुआवजे की दरों को लेकर चल रहा विवाद काफी हद तक दूर हो गया है. लारा कोर्ट ने किसानों के प्रतिकर की नई दर तय कर दी है.
लारा कोर्ट ने प्रबंध नगर योजना के लिए 1 करोड़ 10 लाख 71 हजार रुपये प्रति बीघा की दर से प्रतिकर निर्धारित किया है. अब LDA इस बढ़ी हुई दर के हिसाब से योजना की लागत और संभावित आय का आकलन करेगा.
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15 दिन में आएगी रिपोर्ट
LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस संबंध में एक कमेटी गठित की है. संयुक्त सचिव अरविंद उपाध्याय की अध्यक्षता में बनी यह कमेटी नई प्रतिकर दर से योजना पर पड़ने वाले वित्तीय भार का परीक्षण करेगी. कमेटी को 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है. रिपोर्ट के बाद योजना के आय-व्यय का पूरा हिसाब तैयार किया जाएगा. इसके बाद LDA बोर्ड से मंजूरी लेकर प्रबंध नगर योजना को विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
2008 में बनी थी योजना, विवाद के कारण अटकी रही
प्रबंध नगर योजना की परिकल्पना LDA ने वर्ष 2008 में की थी. हरदोई-सीतापुर रोड और आईआईएम रोड के आसपास करीब 2,000 एकड़ में इसे विकसित करने की योजना थी. लेकिन जमीन अधिग्रहण, किसानों के मुआवजे, कानूनी विवाद और अदालतों में चल रहे मामलों के कारण यह योजना लंबे समय से अटकी हुई थी. अब लारा कोर्ट की ओर से प्रतिकर की नई दर तय होने के बाद LDA को योजना आगे बढ़ाने का रास्ता दिखाई दे रहा है.
840 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन शामिल
प्रबंध नगर योजना में घैला, ककौली और अल्लूनगर डिगुरिया गांव की कुल 840.892 हेक्टेयर जमीन शामिल है. LDA के मुताबिक योजना के लिए भूमि अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है. अब किसानों को लारा कोर्ट द्वारा तय नई दर के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा. हालांकि योजना में शामिल कुछ गाटों को लेकर मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित है. LDA सचिव सुशील प्रताप सिंह के मुताबिक इन मामलों में कोर्ट से अनुमति लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
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