ऑस्ट्रेलिया को लेकर चौंकाने वाले रिपोर्ट सामने आई है. यहां एक सरकारी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2060 के दशक तक जन्म की तुलना में ज्यादा मौतें होंगी. सोमवार को जारी इंटरजेनरेशनल रिपोर्ट में ऑस्ट्रिया ट्रेजरी डिपार्टमेंट की मानें तो 2065 से 66 तक देश की आबादी 3.93 करोड़ हो जाएगी. यह 20243 की तुलना में 18 लाख से कम है.
अगले चार दशकों में पॉपुलेशन ग्रोथ रेट इतनी रहेगी
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेजरी डिपार्टमेंट की मानें तो अगले चार दशकों में पॉपुलेशन में ग्रोथ रेट 0.9 सालाना रहेगी. वहीं, 40 सालों में यह 1.4 प्रतिशत थी. 2065-66 तक 85 साल की उम्र या उससे अधिक उम्र के लोगों की संख्या तीन गुना हो जाएगी.
इमीग्रेशन पर हो सकेगी आबादी में वृद्धि
इसके अलावा फर्टिलिटी रेट की 1.34 तक गिरने के चलते इमिग्रेशन की वजह से जनसंख्या की वृद्धि पूरी हो सकेगी. जन्म दर में भारी गिरावट के बाद भी उम्मीद है कि 2060 के दशक के मध्यतक इकोनॉमी का आकार दो गुना से ज्यादा हो जाएगा. इसके पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से प्रोडक्शन में बढ़ोतरी और महिलाओं की तरफ से वर्किंग फोर्ट में भागीदारी ज्यादा रहेगी.
डेमोग्राफिक बदलाव के चलते ऑस्ट्रेलिया जोखिमों से जूझ रहा
विभाग के चीफ जिम चाल्मर्स ने कहा है कि डेमोग्राफिक बदलाव के चलते ऑस्ट्रेलिया की इकोनॉमी को गंभीर जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन काउंटरपार्ट्स देशों की तुलना में फायदे ज्यादा हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया में हर महिला-पुरुष और बच्चे को लगभग 2000 डॉलर का नुकसान हुआ है. इसकी वजह 2023 की इंटरजेनरेशनल रिपोर्ट में बताए गए सुझावों और रास्तों पर किसी तरह की प्रगति नहीं हो सकी है.
ऑस्ट्रेलिया में गिरता जीवन स्तर सबसे बड़ी समस्या
इसके अलावा चाल्मर्स ने कहा है कि रिपोर्ट इस बात की पुष्टी करती है कि तेजी से हो रहे बदलावों से निपटने के लिए ऑस्ट्रेलिया ज्यादातर देशों की तुलना में बेहतर कंडिशन में हैं और इसके लिए बेहतर ढंग से तैयार है. लेकिन फायदों को देखते हुए ढील नहीं दे सकते. ऑस्ट्रेलिया लगातार गिरते जीवन स्तर की समस्या से जूझ रहा है.














