एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय शूटिंग में एक नई पहचान दिला दी. भारतीय सेना में नायब सूबेदार नीरू ने महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. वह नई दिल्ली के डॉ. KSSR में ट्रेनिंग करती है और इंडियन आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट का हिस्सा है. नीरू की यह जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि एशियन गेम्स के इंडिविजुअल ट्रैप इवेंट में गोल्ड जीतने वाली वह पहली भारतीय महिला बनीं.
नीरू डंडा मूल रूप से हरियाणा की जींद की रहने वाली है. हालांकि उनकी फैमिली बाद में मध्य प्रदेश के शिवपुरी चली गई थी. शूटिंग में आने से पहले नीरू कबड्डी भी खेलती थी. उन्हें शूटिंग के लिए प्रेरणा अपने चचेरे भाई श्योराण से मिली, जिन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पुरुषों की ट्रैप स्पर्धा पर्दा में सिल्वर मेडल जीता था. नीरू ने शुरुआत में परिवार की डबल बैरल गन से टीन के डिब्बों पर निशाना लगाकर प्रैक्टिस की. बाद में उन्होंने 2019 में मध्य प्रदेश शूटिंग एकेडमी ज्वाइन की और धीरे-धीरे प्रतिस्पर्धी शूटिंग में आगे बढ़ी.
आर्मी में नायब सूबेदार नीरू
नीरू भारतीय सेना के कॉर्प्स ऑफ मिलट्री पुलिस में नायब सूबेदार है. वह आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट से जुड़ी है, जहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग के लिए ट्रेनिंग मिली. शूटिंग में उनके बड़ा अंतरराष्ट्रीय पड़ाव 2022 में आया, जब उन्होंने आईएसएसएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहली बार भारत का प्रतिनिधित्व किया. इसके बाद उन्होंने लगातार बड़े टूर्नामेंट में अपनी जगह बनाई. नीरू ने 2025 एशियाई गेम्स शूटिंग चैंपियनशिप में महिलाओं की ट्रेड स्पर्धा का खिताब भी अपने नाम किया.
ये भी पढ़ें-उत्तराखंड में MBBS एडमिशन पर एक्शन, फर्जी सर्टिफिकेट से मिली 12 सीटें रद्द
वर्ल्ड कप में भी रच चुकी है इतिहास
इटली के लाल लोनाटो में हुए ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप में नीरू ने महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में इंडिविजुअल गोल्ड मेडल जीता. वह इस इवेंट में व्यक्तिगत वर्ल्ड कप गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी. इसके अलावा अल्माटी में वर्ल्ड कप में उन्होंने मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल भी हासिल किया. इस तरह एशियन गेम्स का गोल्ड उनके लिए पहले से शानदार चल रही इस साल की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है.
एशियन गेम्स में कैसे जीता गोल्ड
एशियन गेम्स के फाइनल में नीरू ने शुरुआत मजबूत की. दूसरे सीरीज में एक निशाना चूकने के बाद वह कुछ समय के लिए पीछे हुई, लेकिन इसके बाद लगातार दो परफेक्ट सीरीज के साथ शानदार वापसी की. मुकाबले के आधे चरण तक उन्होंने 20 में से 19 टारगेट हिट कर लिए थे और दो हिट की बढ़त बना ली थी. वहीं आखिरी चरण में भी उन्होंने अपना संयम बनाए रखा और 28 हिट के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया.
ये भी पढ़ें-JEE की तर्ज पर साल में दो बार होगी NEET-CUET, तैयार हो रहा मसौदा
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI
















