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अरहर की सरकारी खरीद 4 लाख टन के करीब पहुंची, आंध्र प्रदेश में खरीद अव​धि बढ़ी


उत्पादक राज्यों में अरहर की सरकारी खरीद जारी है। इसकी खरीद लक्ष्य के 30 फीसदी के करीब पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में अरहर खरीदने की समय सीमा भी बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने दालों के…


pulses procurement

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Last Updated: अप्रैल 23, 2025 | 6:22 PM IST

उत्पादक राज्यों में अरहर की सरकारी खरीद जारी है। इसकी खरीद लक्ष्य के 30 फीसदी के करीब पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में अरहर खरीदने की समय सीमा भी बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने दालों के घरेलू उत्पादन बढ़ाने, किसानों को प्रोत्साहित करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए खरीद वर्ष 2024-25 के लिए राज्य के उत्पादन के 100 फीसदी के बराबर मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत अरहर , उड़द और मसूर की खरीद को मंजूरी दी है। देश में वर्ष 2024-25 में अरहर का उत्पादन 35.11 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2023-24 में यह 33.85 लाख टन था। 2024-25 में मसूर का उत्पादन 18.17 लाख टन और चना का उत्पादन  115.35 लाख टन रहने का अनुमान है।

अब तक कितनी हुई अरहर की सरकारी खरीद?
केंद्र सरकार ने पिछले महीने 13.22 लाख टन अरहर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के तहत खरीदने को मंजूरी दी थी। आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में नैफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से एमएसपी पर अरहर की खरीद जारी है।  खरीद वर्ष 2024-25 में 22 अप्रैल तक इन राज्यों में कुल 3.92 लाख मीट्रिक टन अरहर की खरीद की जा चुकी है। जिससे इन राज्यों के 2,56,517 किसान लाभान्वित हुए हैं। तुअर की खरीद  NAFED के ई-समृद्धि पोर्टल और  NCCF के ई-संयुक्ति पोर्टल पर पूर्व पंजीकृत किसानों से भी की जाती है। केंद्र सरकार ने अरहर के अलावा 9.40 लाख टन मसूर और 1.35 लाख टन उड़द की सरकारी खरीद को भी मंजूरी दी है।

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आंध्र प्रदेश में अरहर खरीद की अवधि बढ़ी
केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश के अरहर किसानों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने किसानों के हित में आंध्र प्रदेश में खरीद अवधि 30 दिन और बढ़ा दी है। अब आंध्र प्रदेश में अरहर की खरीद 22 मई तक की जा सकेगी। इससे पहले सरकार ने कर्नाटक में अरहर की खरीद अवधि 30 दिन बढ़ाकर एक मई तक कर दी थी। केंद्र सरकार ने बजट 2025 में घोषणा की थी कि देश में दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियों NAFED और NCCF के माध्यम से 2028-29 तक अगले चार वर्षों के लिए राज्य के उत्पादन का 100 फीसदी अरहर, उड़द और मसूर की खरीद की जाएगी।



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