उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए और अधिक लैंड बैंक तैयार करने की योजना पर काम शुरु किया है। यूपीसीडा अब मंद गति के औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंडों…
**EDS: IMAGE VIA CMO** Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath speaks in the House during the Winter session of state assembly, in Lucknow, Tuesday, Nov. 28, 2023. (PTI Photo)(PTI11_28_2023_000130B)
उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए और अधिक लैंड बैंक तैयार करने की योजना पर काम शुरु किया है। यूपीसीडा अब मंद गति के औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंडों का आवंटन निवेश मित्र के जरिए आसान बना दिया है।
यूपीसीडा के बोर्ड की 48 वीं बैठक में प्रदेश में औद्योगिक विकास की प्रक्रिया को तेज करने, उद्योगों के लिए भूमि की उपलब्धता बढ़ाने और प्रदेश के वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने संबंधी कई फैसले लिए गए।
प्राधिकरण में वर्तमान व्यवस्था के अन्तर्गत अति तीव्र, तीव्र एवं मंद गति के औद्योगिक क्षेत्र में नीति में परिवर्तन करते हुए 75 फीसदी से कम आवंटित औद्योगिक क्षेत्रों को मंद गति में वर्गीकृत किया गया जिसमें भूमि का आवंटन शासन के निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से किया जायेगा व ईएमडी के मद में 5 फीसदी धनराशि प्राप्त करते हुए आवंटन किया जायेगा और आवंटन के बाद 20 फीसदी धनराशि 60 दिन के अन्दर प्राप्त करते हुए इकाई स्थापना हेतु एवं 75 प्रतिशत फीसदी बकाया धनराशि की तीन वर्ष के अन्तर्गत 6 छमाही किस्तो में व्याज सहित धनराशि प्राप्त की जायेगी।
उद्योगों के लिए अधिक जमीन की व्यवस्था करने उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 6 बंद पड़ी कताई मिलों की जमीन के वंटन व दर के निर्धारण के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। औद्योगिक क्षेत्र उतेलवा जनपद अमेठी, ए.टी.एल. प्रतापगढ़, कताई मील बादा, कताई मील मेजा, कताई मील मलवा फतेहपुर आदि के तलपट मानचित्रों का अनुमोदन प्रदान किया गया। यह भी निर्देश दिए गये शीघ ही आवंटन हेतु बढ़ा विज्ञापन प्रकाशित किया जाय एवं आवंटन की कार्यवाही प्रारम्भ की जाय।
बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने हेतु कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। सबसे प्रमुख निर्णय 2025-26 के बजट को लेकर लिया गया, जिसमें 6190.00 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए। एक्स-लीडा के मास्टर प्लान में जन – आपतियों का निवारण एवं सुझाव का समायोजन करते हुए 2041 की महायोजना पर विचारोपरांत शासन में भेजने हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में नगर निगम से प्राप्त औद्योगिक क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं एवं म्यूनिस्पल्टी सर्विस उपलब्ध कराने हेतु अनुमोदन प्रदान किया।
बैठक के बाद यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी ने कहा कि प्राधिकरण राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और बेहतर औद्योगिक माहौल तैयार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस बजट से राज्य के अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट्स को शुरू करने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने यह भी कहा कि ललितपुर में बनने वाला फार्मा पार्क और एक्स-लीडा जैसे क्षेत्रीय विकास प्रोजेक्ट्स न सिर्फ औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए देश का सबसे पसंदीदा राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे।















