उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी शुरू हो गई है. इसका असर बिहार के मौसम पर भी पड़ा है. शुक्रवार को मौसम विभाग की ओर से कई जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई. इस बीच सुपौल में कोसी का जलस्तर बढ़ा है.
लगातार हो रही बारिश और कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. शुक्रवार की शाम करीब 7:15 बजे कोसी नदी का जलस्तर 2.78 लाख क्यूसेक के पार पहुंच गया. जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए कोसी बैराज के 37 फाटक खोल दिए गए हैं
इसी क्रम में डीएम सावन कुमार और एसपी शरथ आरएस ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ पूर्वी कोसी तटबंध का निरीक्षण किया. इस दौरान डीएम ने संबंधित अभियंताओं और कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ तटबंध की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन और मानवबल पूरी तरह तैयार रखा जाए.
बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही: डीएम
डीएम ने स्पष्ट किया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को पूरे तटबंध पर 24×7 निगरानी, आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी संभावित स्थिति की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को देने का निर्देश दिया, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित हो.
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लोगों से अपील करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है. फिलहाल स्थिति सामान्य है. तटबंध भी पूरी तरह सुरक्षित है. डीएम ने कहा कि मुख्य अभियंता के नेतृत्व में जल संसाधन विभाग की पूरी टीम लगातार तटबंध पर नजर बनाई हुई है.
अफवाह फैलाने पर होगी एफआईआर
दूसरी ओर सोशल मीडिया पर कोसी और तटबंध को लेकर फैल रही अफवाहों पर डीएम ने कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि के अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की जा रही है. लोगों से कहा कि आधिकारिक आंकड़ों और निर्देशों पर ही भरोसा करें. लोगों से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन को तत्काल सूचना दें.
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