समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाराणसी की दोनों एमएलसी सीट पर जीत को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि काशी विश्वनाथ ने बीजेपी को हराकर मणिकर्णिका के पौराणिक घाट को तोड़ने की सजा दी है. उन्होंने कहा जब काशी वाले विदाई करते हैं तो परमानेंट ही विदा कर देते हैं.
सपा अध्यक्ष ने वाराणसी दौरे का जिक्र करते हुए पोस्ट की और काशीवासियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने जो स्नेह दिया है उसके लिए वो बहुत आभारी है. अखिलेश ने बीजेपी पर तंज कसते हुए काशी के आशुतोष बाबा विश्वनाथ जी ने हमारे आशुतोष सिन्हा जी और लाल बिहारी यादव जी को ऐतिहासिक वोटों से जिताकर हमें दोहरा आशीर्वाद दिया है. काशी ने डबल इंजन को डबल जीरो कर दिया है.
अखिलेश यादव ने वाराणसी में बीजेपी की हार के लिए प्रदेश सरकार के कामों को ज़िम्मेदार बताया और कहा कि दरअसल काशी में सपा की जो दोहरी जीत हुई है उसके लिए कई कारण कारण निर्णायक रहे हैं. उन्होंने मणिकर्णिका घाट को तोड़ने से लेकर दालमंडी में बुलडोज़र का कार्रवाई, अहिल्याबाई जी प्रतिमा का तिरस्कार समेत तमाम वजहों को बीजेपी की हार का कारण बताया.
वाराणसी में बीजेपी की हार के कारण गिनाए
काशी में बीजेपी को मिली हार का कारण बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी को इन कारणों की वजह से हार मिली है,
– मणिकर्णिका के पौराणिक घाट को तोड़ने के पाप की सज़ा मिली है.
– राजमाता पुण्यश्लोका देवी अहिल्याबाई जी की प्रतिमा के तिरस्कार करने का सबक इन पापियों को मिला है.
– पूज्य शंकराचार्य जी पर हुए प्रहार का प्रतिकार-प्रतिफल है.
– पाल समाज पर जो लाठी चलाई गई थी ये उसका भी जवाब है.
– दाल मंडी पर हुए अत्याचार ने भाजपा को ध्वस्त कर दिया या कहें दाल मंडी ने भाजपा को दल दिया है.
– जो कहते थे माँ गंगा ने उन्हें बुलाया है, उन्होंने माँ गंगा को भुलाया है। गंगा माँ के साथ भी धोखा हुआ है. नमामि गंगे का अरबों का बजट न जाने कहाँ बह गया.
– बनारस के बुनकरों का हाल पूछने कोई नहीं आया.
– बनारस की हस्तकला चौपट कर दी है.
– बनारस के नाव चलानेवाले तक दुखी हैं। उनकी रोज़ी-रोटी भाजपाइयों को रास नहीं आई. भाजपा की कमीशनख़ोरी ने छोटे-काम व्यवसाय को मार दिया है.
– भाजपा ने बनारस को बाहर के ठेकेदारों को गिरवी रखा दिया है.
क्योटो तो बनाया नहीं, काशी भी उजाड़ दिया. क्योटो नहीं बनाया तो क्योटो का फोटो ही लगा देते.
‘काशी से होगी BJP की परमानेंट विदाई’
सपा अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी ने बनारस का हित नहीं बल्कि अहित किया है. ‘यूपी वाले विदाई अच्छी करते हैं लेकिन, जब काशी वाले विदाई करते हैं तो पर्मानेंट विदाई कर देते हैं. इस बार ‘काशी भाजपा की उदासी’ का कारण बनेगी. 2027 में विश्वप्रसिद्ध बनारस की लौंगलता हमारा मुंह मीठा करेगी.
हम आएंगे तो वाराणसी को ट्रैफ़िक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मेट्रो का निर्माण करेंगे. हम अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके दिखाएंगे कि ‘विरासत का संरक्षण और विकास से संवर्धन’ साथ-साथ कैसे किया जा सकता है. काशी का गौरव फिर से वापस लाना हमारा संकल्प है, जिसे हम निभाएंगे, भाजपा जायेगी, काशी मुस्कुराएगी!’














