दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट फेंचाइजी लीग यानी इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत करने वाले ललित मोदी ने आईपीएल को लेकर कई सुझाव दिए हैं. ललित मोदी ने आईपीएल की मौजूदा विंडो (मार्च से मई) को बदलकर इस लीग को अक्टूबर से अप्रैल के बीच कराने की सलाह दी है. वहीं उन्होंने यह भी कहा कि अब इस लीग के मैचों की संख्या बढ़ाकर 94 कर देनी चाहिए. ललित मोदी ने आईसीसी चेयरमैन जय शाह से भी आग्रह किया कि वे इस नए कैलेंडर को तैयार करने में मदद करें.
क्रिकबज की रिपोर्ट में आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने कहा कि जब 2008 में उन्होंने इस टूर्नामेंट की शुरुआत की थी, तब अप्रैल और मई ही इकलौती विंडो थी, लेकिन आज समय अलग है. उन्होंने कहा, आज आईपीएल बिल्कुल अलग है. अब इसका रूप ही बदल गया है. जब मैंने शुरुआत की थी, तब बहुत विरोध था. मैंने वो समय चुना जिसे कोई नहीं चाहता था और एक ऐसा टूर्नामेंट खड़ा किया जिसे लोग देखना चाहते थे. आज हमें जो सफलता मिल रही है, वो हमें आसानी से नहीं मिली है.”
ललित मोदी ने आगे कहा, “उस समय अप्रैल-मई ही उपलब्ध मौका था. ऐसा कभी नहीं कहा गया था कि भारतीय क्रिकेट के लिए हमेशा यही सबसे सही महीने होंगे. हमने आठ टीमों और 59 मैचों के शेड्यूल के साथ शुरुआत की थी. बाद में बीसीसीआई ने लीग का विस्तार किया और इसमें 10 टीमें शामिल कर दीं. 10 टीमों के बीच ‘होम-एंड-अवे’ फॉर्मेट का मतलब है 90 लीग मैच और चार प्लेऑफ. यानी कुल 94 मैच, जो मूल फॉर्मेट से 35 मैच ज्यादा हैं, यानी लगभग 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी.”
बता दें कि आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने इस साल की शुरुआत में एक स्पोर्ट्स मैगजीन से बात करते हुए ज्यादा मैच कराने के लिए टूर्नामेंट को दो विंडो में बांटने का सुझाव दिया था. वहीं ललित मोदी के सुझाव के अनुसार, अगर टूर्नामेंट जनवरी में शुरू होता है, तो इससे भारत के इंटरनेशनल कैलेंडर और घरेलू क्रिकेट, दोनों में बड़ा बदलाव आएगा. इससे टेस्ट क्रिकेट और घरेलू क्रिकेट के शेड्यूल में भी बदलाव करना पड़ेगा.
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