• Home
  • मनोरंजन समाचार
  • भारत-चीन की संस्कृति को जोड़ रहा सिनेमा, फिल्म फेस्टिवल में ‘द कंपोजर’ बनी बेस्ट फिल्म
Image

भारत-चीन की संस्कृति को जोड़ रहा सिनेमा, फिल्म फेस्टिवल में ‘द कंपोजर’ बनी बेस्ट फिल्म


भारत और चीन के बीच रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए सिनेमा एक नया जरिया बनता नजर आ रहा है. दिल्ली में आयोजित पहले चीनी फिल्म महोत्सव का समापन हो गया है. दो दिनों तक चले इस महोत्सव में दोनों देशों की 10 से ज्यादा फिल्में दिखाई गईं. फिल्म प्रेमियों को इन फिल्मों के जरिए चीन की कहानियों, वहां की संस्कृति और सिनेमा को करीब से जानने का मौका मिला.

महोत्सव के समापन समारोह में फिल्मों को सम्मानित करने के साथ भारत और चीन के बीच आगे होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर भी एलान किए गए. इस आयोजन में चीनी दूतावास, दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा ने सहयोग किया.

बीजिंग में होगा इंडियन फिल्म फेस्टिवल

इस महोत्सव की सबसे खास बात यह रही कि अब चीन में भारतीय फिल्मों को दिखाने की तैयारी है. जल्द ही चीन की राजधानी बीजिंग में इंडियन फिल्म फेस्टिवल आयोजित करने का भी एलान किया गया है. इसके लिए चीन में मौजूद भारतीय दूतावास और दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल मिलकर काम करेंगे.

दिल्ली में चीनी फिल्म महोत्सव 2026, 'द कंपोजर' बनी बेस्ट फिल्म, बीजिंग में सजेगा 'इंडियन फिल्म फेस्टिवल का मंच

इस आयोजन का मकसद भारतीय सिनेमा को चीन के दर्शकों तक पहुंचाना है. इससे वहां के लोगों को भारतीय फिल्मों, कहानियों और संस्कृति को समझने का मौका मिलेगा. वहीं, दिल्ली में दूसरे चीनी फिल्म महोत्सव का आयोजन भी किया जाएगा. हालांकि, अभी इसकी तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है.

‘द कंपोजर‘ को मिली बेस्ट फिल्म अवॉर्ड

दिल्ली के फिल्म्स डिवीजन ऑडिटोरियम में हुए इस महोत्सव में दिखाई गई फिल्मों में ‘द कंपोजर’ को बेस्ट फीचर फिल्म चुना गया. इसके अलावा ‘द सिंकिंग ऑफ द लिस्बन मारू’ को सिलेक्शन कमेटी चॉइस अवॉर्ड मिला. भारतीय फिल्म ‘द गर्ल विद क्लोज लिप्स’ के लिए बाल कलाकार आराध्या को भी सम्मानित किया गया.

दिल्ली में चीनी फिल्म महोत्सव 2026, 'द कंपोजर' बनी बेस्ट फिल्म, बीजिंग में सजेगा 'इंडियन फिल्म फेस्टिवल का मंच

समापन समारोह में विजेताओं को ट्रॉफी, गोल्ड मेडल और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया. हालांकि, इस आयोजन का मुख्य मकसद सिर्फ फिल्मों को पुरस्कार देना नहीं, बल्कि दोनों देशों के कलाकारों और दर्शकों को एक-दूसरे की संस्कृति से जोड़ना भी रहा.

सिनेमा से करीब आएंगे भारत और चीन

चीनी दूतावास के मिनिस्टर काउंसलर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD), संस्कृति मंत्रालय और सूचना व प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) के बेमिसाल सहयोग के लिए विशेष आभार जताया है. उनका कहना है कि सिनेमा ऐसा माध्यम है, जो अलग-अलग देशों के लोगों को एक-दूसरे के करीब ला सकता है.

वहीं, महोत्सव के जूरी और थिएटर डायरेक्टर अरविंद गौड़ ने भी भारत और चीन के बीच ऐसे आयोजनों को जरूरी बताया. उनके मुताबिक, फिल्मों और कला के जरिए लोग एक-दूसरे के इतिहास, रहन-सहन और भावनाओं को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं.



Source link

Related Posts

धमके बाद बुलेट प्रूफ शीशे से कवर ट्रॉली पर फैंस से मिलने आए अमिताभ बच्चन, पिता की ढाल बने अभिषेक

सदी के महानायक कहे जाने वाले एक्टर अमिताभ बच्चन समेत दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट पर आत्मघाती हमला करने…

ByByPUJA KUMARI Nov 2, 2026

‘रामायणम्’ की कमाई 37 करोड़ के पार, बनी रणबीर कपूर की दूसरी हाईएस्ट ओपनर

बॉक्स ऑफिस पर ‘रामायणम्’ ने रिलीज से पहले ही धमाल मचा दिया है. इसे प्री-सेल्स में दर्शकों की…

ByByPUJA KUMARI Nov 2, 2026

दिवाली पर सबकी नजरें होंगी आप पर, 90s की इन एक्ट्रेसेस से लें फैशन टिप्स

माधुरी दीक्षित का पिंक कलर का ये लहंगा गोल्डन एम्ब्रॉयडरी और खूबसूरत दुपट्टे के साथ काफी फेस्टिव वाइदव…

ByByPUJA KUMARI Nov 2, 2026

‘इंडिया के पास 5000 साल पहले से थी…’, पुष्पक विमान की एलन मस्क की फ्लाइंग कार से तुलना पर ट्रोल हुए रणबीर कपूर

रणबीर कपूर इन दिनों फिल्म ‘रामायणम्’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसे दिवाली 2026 के मौके पर रिलीज…

ByByPUJA KUMARI Nov 2, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top