स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर छिड़े विवाद के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बड़ा दावा किया है. प्रेस कांफ्रेंस के जरिए अरविंद केजरीवाल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भ्रष्ट होने का दावा किया है और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है. इतना ही नहीं, हाल के दो तीन साल में हुए सभी विधनासभा चुनावों को रद्द कर दोबारा से इलेक्शन कंडक्ट कराने की भी मांग की है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत अन्य जितने भी राज्यों में चुनाव हुए हैं, सभी को कैंसिल कर के दोबारा कराया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग है कि चुनाव आयोग किसी एक व्यक्ति का नाम नहीं है, चुनाव आयोग का मतलब है तीन लोग- एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो सदस्य. इन तीनों की मीटिंग में सर्वसम्मति या बहुमत से फैसले होते हैं. कोई अकेला व्यक्ति निर्णय लेने का अधिकार नहीं रखता.
‘भारत का सबसे बड़ा स्कैंडल’ SIR विवाद पर अरविंद केजरीवाल ने कर दी तीन बड़ी मांग
‘चुनाव आयुक्तों ने चिट्ठी पे चिट्ठी लिखी…’
दिल्ली के पूर्व सीएम ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के पास अकेले कोई अधिकार नहीं है. आज अखबार की रिपोर्ट कहती है कि ज्ञानेश कुमार पिछले कुछ सालों से अकेले चुनाव आयोग चला रहे हैं. दोनों चुनाव आयुक्तों ने बार-बार लिखित शिकायत दी है कि बिना चुनाव आयुक्तों की सहमति के नीचे के अफसरों को आदेश दिए जा रहे हैं. 28 अक्टूबर 2025 को चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने ECI को चिट्ठी लिखी कि उनकी जानकारी के बिना अप्रूवल दिए जा रहे हैं, आदेश जारी किए जा रहे हैं. 16 अप्रैल 2026 को फिर इसी शिकायत के साथ चिट्ठी लिखी जाती है. चिट्ठी में वो बताते हैं कि इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से संबंधित मॉड्यूल के बारे में उन्हें मीडिया से पता चल रहा है. उन्होंने इसका अप्रूवल कभी दिया ही नहीं.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऐसी कई चिट्ठियां बार-बार चुनाव आयुक्तों की तरफ से लिखी गईं. चिट्ठी पे चिट्ठी… नोट पे नोट…. चुनाव आयोग की मीटिंग और आधिकारिक सहमति के बिना ऑर्डर और सर्कुलर जारी किए गए. ये सार ऑर्डर और सर्कुलर गैर-कानूनी हैं. इस बीच अरविंद केजरीवाल ने मांग की है कि बिना चुनाव आयोग की जानकारी के जितने भी ऑर्डर पिछले कुछ सालों में जारी 4किए गए हैं वो सारे के सारे रद्द होने चाहिए.
‘पूरा का पूरा SIR गैर-कानूनी’
आप संयोजक ने यह भी दावा किया कि कई-कई महीनों तक चुनाव आयोग की मीटिंग नहीं हो रही हैं. आदेश पर आदेश दिए जा रहे हैं. एसआईआर की प्रक्रिया के जरिए देश से 13 करोड़ नाम डिलीट कर दिए गए. यह पूरा का पूरा एसआईआर प्रोसेस गैर-कानूनी है क्योंकि इसे चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक तौर पर अप्रूव नहीं किया. SIR को पूरी तरह से कैंसिल किया जाए.
अखबार की रिपोर्ट में यह भी लिखा गया है कि कानून के तहत इलाके के एसडीएम को नए वोट बनाने का और गलत वोट काटने का अधिकार है. उन्हें ERO बोलते हैं यानी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर. केवल उसको अधिकार है कि वो किसी का भी वोट एड या डिलीट कर सकता है. मुख्य चुनाव आयुक्त को भी यह अधिकार नहीं है कि वो किसी का नाम जोड़ या हटा सकें. दोनों चुनाव आयुक्तों ने आरोप लगाया है कि ERO की एक्सेस बंद कर दी गई है और दिल्ली में बैठकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पास पूरे देश की वोटर लिस्ट का एक्सेस है. यानी वो जिसका मर्जी वोट कटवा रहे हैं, जिसका मर्जी एड कर दे रहे हैं. संवैधानिक पावर छीन ली गई है और केवल एक व्यक्ति पूरे देश के वोटर्स के नाम अकेले संभाल रहा है.
‘इससे बड़ा घोटाला इस देश में नहीं हो सकता’- अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह इतना बड़ा घोटाला है कि SIR से बड़ा घोटाला कोई हो ही नहीं सकता. हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने दो कारणों से लड़ी थी. एक तो यह कि अंग्रेजों को भगाना है और दूसरा यह कि हमारे देश के अंदर जनतंत्र हो. अब जब देशभर की वोटर लिस्ट ही इनके केंद्रीय कार्यालय से बन रही है तो इसका सीधा मतलब यह है कि पूरे देश की मतदाता सूची अब खराब हो चुकी है. अब सारे बदलाव खारिज किए जाएं और तीन साल पुरानी वोटर लिस्ट को बहाल किया जाए.
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