‘मसान’ से ‘मिर्जापुर द मूवी’ तक का सफर तय कर चुकीं एक्ट्रेस श्वेता त्रिपाठी को आज लोग शोलू गुप्ता नहीं बल्कि गोलू के नाम से जानते हैं, जो उन्हें पहले किताब पढ़ने के बाद बंदूक चलाते हुए देखते हैं. वो एक्शन में भी काफी पसंद की जाती हैं. ऐसे में उन्होंने एबीपी न्यूज से खास बातचीत में ‘मिर्जापुर’ सीरीज में काम करने के एक्सपीरियंस और गोलू के कैरेक्टर से उनके जीवन पर पड़ने वाले इफैक्ट्स के बारे में भी बात की.
श्वेता त्रिपाठी ने एबीपी न्यूज से बातचीत में बताया कि किस तरह से ‘मिर्जापुर’ की गोलू के कैरेक्टर ने रियल लाइफ को भी इफैक्ट कर दिया था. वो गोलू के कैरेक्टर को असल में भी जीने लगी थीं और इससे बाहर आने के लिए उन्हें थेरेपी का भी सहारा लेना पड़ा था. चलिए बताते हैं उन्होंने क्या कहा.
शोलू गुप्ता से गोलू के ट्रांसफॉर्मेशन पर बोलीं श्वेता त्रिपाठी
श्वेता त्रिपाठी का मानना है कि उन्हें गोलू और ‘मसान’ की शालू गुप्ता का किरदार लगभग एक जैसा ही है. वो कहती हैं, ‘दोनों में बहुत फर्के है लेकिन काफी हद तक सिमलैरिटी भी है. उसमें मेरे कैरेक्टर को एलोकेषा होता है. इसका मतलब बाल झड़ने लगते हैं. ट्रांसफॉर्मेशन का मतलब सिर्फ गन उठाना नहीं होता है. आपकी शक्ति ताकत कई चीजों से आती है. वो कलम से भी आ सकती है. या फिर आप जो हर दिन करते हो उससे फर्क पड़ता है. शालू और गोलू दोनों को ही किताबों का शौक होता है. लेकिन गोलू थोड़ा दबंग होती हैं.’
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वो मानती हैं, ‘लड़कियों में शक्ति होती है और उस शक्ति को हमें खुद को पहचानना है. उस पर खुद को काम करना ही पड़ेगा. गोलू की वजह से मैंने बल और बुद्धि सीखा. दिखने के लिए नहीं, जब आप स्ट्रॉन्ग होते हैं तो बाहर से भी दिखते हैं. मेंटल और फिजिकल फिटनेस होना भी जरूरी है.’

गोलू के कैरेक्टर में क्या था चैलेंजिंग?
इसी के साथ ही श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि ‘मिर्जापुर’ की गोलू के किरदार में ढलने में क्या चैलेंजिस रहे. इस पर उन्होंने बताया, ‘गोलू के किरदार में काफी दुख और दर्द होता है और वो जिस स्थिति से गुजरी है, इसकी वजह से उसकी जिंदगी बदल गई है. गोलू मेरे साथ और सबके साथ 9 साल रही है, ट्रॉमा बहुत है. जब आप किसी के साथ लंबे समय से रहते हैं तो अटैच हो जाते हैं फिर वो गुस्सा और बदला रहता है तो वो सब लेकर चलते हैं. गोलू के कैरेक्टर में ये सबसे ज्यादा चैलेंजिंग रहा. ट्रांसफॉर्मेशन तो था लेकिन गोलू की जिंदगी में ट्रॉमा काफी चैलेजिंग रहा.’
गोलू के कैरेक्टर से इफेक्ट हो गई थीं श्वेता त्रिपाठी
श्वेता आगे बताती हैं, ‘किसी भी किरदार को आप जीते हैं तो उसकी बॉडी लैग्वेज, भाषा, तरीका और ट्रांसफॉर्मेशन सब कुछ में ढलना पड़ता है और गोलू की जिंदगी में काफी ट्रॉमा रहा है तो मुझे गोलू के कैरेक्टर ने सबसे ज्यादा अफैक्ट किया है. लेकिन गोलू स्ट्रॉन्ग लड़की है क्योंकि वो अपनी छोटी लाइफ में जिस फेज से गुजरी है उससे कोई नहीं गुजरता है. इसकी जिंदगी में बहुत अकेलापन है. इस कैरेक्टर ने मेरी साइकोलॉजिली, इमोशनली काफी बैंड बजा रखी थी. मुझे थेरेपिस्ट का सहारा लेना पड़ा था. कैरेक्टर से निकलने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी.’
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टाइप कास्ट का श्वेता त्रिपाठी को डर?
इसी के साथ ही श्वेता त्रिपाठी से ‘मिर्जापुर’ में गोलू के किरदार से टाइप कास्ट को लेकर भी सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा, ‘नहीं मुझे इसका कोई डर नहीं था. ऑडियंस बहुत समझदार है. क्योंकि मिर्जापुर से पहले हरामखोर, मसान, लाखों में एक, मेड इन हेवन इतनी सारी चीजें आ गई थीं. अगर मिर्जापुर से डेब्यू होता तो टाइप कास्ट का डर होता लेकिन इसके पहले मेरे प्रोजेक्ट्स आ गए थे. लोगों ने मेरे काम को देखा है. लोगों को पता है कि ये श्वेता है, जो किरदार निभा रही है. मुझे टाइप कास्ट का डर नहीं. मुझे लगता है कि मुझे कोई बोरिंग काम नहीं करना है. ना ही ऑडियंस को एक जैसी चीजें करके बोर करना है.’
‘मिर्जापुर द मूवी’ हुई सुपरहिट
आपको बता दें कि ‘मिर्जापुर द मूवी’ बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट हो चुकी है. सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने वर्ल्डवाइड 334.10 करोड़ और इंडिया नेट कलेक्शन 229.50 करोड़ रहा. इसका ओवरसीज कलेक्शन 61 करोड़ रहा था. कोईमोई के अनुसार, फिल्म का बजट 90 करोड़ था. इतना ही नहीं, श्वेता त्रिपाठी ने एनडीटीवी के इंटरव्यू में बताया था कि ‘मिर्जापुर’ के सीजन 4 पर काम चल रहा है.

















