यूपी-एमपी की सीमा पर बना लहचूरा बांध इस समय उफान पर है. ऊपरी इलाकों और झांसी जिले के बांधों से लगातार आ रहे पानी की वजह से लहचूरा बांध का जलस्तर अपनी अधिकतम सीमा को पार कर गया है. बांध की न्यूनतम भंडारण क्षमता 179.83 मीटर है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 182.30 मीटर तय की गई है. वर्तमान में बांध का जलस्तर 182.30 मीटर के खतरे के निशान तक पहुंच गया है. प्रशासन ने ग्रामीणों को नदी के आसपास न जाने की सख्त हिदायत दी है.
बांध में क्षमता से अधिक पानी का दबाव बनता देख सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की. जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के दो फाटकों को दो-दो फीट की ऊंचाई तक खोल दिया गया, जिससे सोमवार 2100 क्यूसेक पानी धसान नदी में बहाया गया. अचानक इतने बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने से धसान नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने और जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है.
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महोबा-झांसी के 15 गांवों में अलर्ट
नदी के तटीय इलाकों में बसे महोबा और झांसी जिलों के करीब 15 गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. प्रशासन ने महोबा के काशीपुरा, धरवार, लिलवा, कोटरा, रिपनौर, बीहट, नगाराघाट, स्योढ़ी, सलैया और झांसी के लहचूरा, बरौडा, असपुरा, झारखंड व सुजातपुर गांवों में मुनादी करवाकर लोगों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. ग्रामीणों और मवेशियों को नदी के पास न जाने की चेतावनी दी गई है.
प्रशासन हालातों पर बनाए है नजर- एसडीएम
आपको बता दें कि धसान नदी आगे जाकर हमीरपुर जिले से होकर बहने वाली बेतवा नदी में मिलती है. ऐसे में धसान का अतिरिक्त पानी बेतवा नदी में पहुंचते ही वहां भी जलस्तर बढ़ने की पूरी संभावना है. एडीएम इंद्रनंदन सिंह ने बताया कि बांध पूरी तरह लबालब है और टीम चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुए है. जलस्तर संतुलित करने के लिए लगातार अतिरिक्त पानी को डिस्चार्ज किया जा रहा है.
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