आईआईटी बॉम्बे परिसर में अपने दिवंगत बेटे साहिल वाकोडे की श्रद्धांजलि सभा कर रहे माता-पिता को पुलिस द्वारा घसीटे जाने की घटना को एनसीपी (एसपी) नेता अनीश गवांडे ने महाराष्ट्र के लिए शर्मनाक दिन करार दिया. उन्होंने देवेंद्र फडणवीस सरकार पर युवाओं और शोकाकुल परिवारों की अनदेखी का आरोप लगाया. साथ ही किरेन रिजिजू के बयान और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के विदेशी टूलकिट वाले बयान पर पलटवार करते हुए गवांडे ने कहा कि देश को बांग्लादेश या फ्रांस मॉडल नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के इंडिया मॉडल की जरूरत है.
एनसीपी (एसपी) नेता अनीश गवांडे ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि मुंबई पुलिस ने साहिल के माता-पिता को आईआईटी बॉम्बे के परिसर के अंदर सड़कों पर घसीटा, जबकि वे अपने दिवंगत बेटे की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने का प्रयास कर रहे थे. यह सरकार न तो युवाओं की चिंता करती है, न ही दुखी माता-पिता की, इसे किसी की परवाह नहीं है.
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‘पिछले 20 वर्षों में 14,500 छात्रों ने की आत्महत्या’
उन्होंने आगे कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 20 वर्षों में 14,500 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से 171 आत्महत्याएं आईआईटी में हुई हैं. क्या आज न्याय मांगने तक की गुंजाइश नहीं बची है? युवाओं को घसीटा गया, शाहू, फुले और आंबेडकर की धरती पर बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीर फाड़ी गई. गवांडे ने कहा कि महाराष्ट्र के लिए यह बेहद शर्मनाक दिन है, देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए यह शर्म का दिन है. अब उनके गठबंधन सहयोगियों को जवाब देना होगा कि क्या वे इस कार्रवाई का समर्थन करते हैं?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर प्रतिक्रिया
सत्ता परिवर्तन को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी (एसपी) नेता अनीश गवांडे ने कहा कि किरेन रिजिजू सही कह रहे हैं. हमें न तो बांग्लादेश मॉडल की जरूरत है और न ही फ्रांस मॉडल की. हमारे पास इंडिया मॉडल है. हम महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते पर चलेंगे.
‘देश के युवाओं के साथ अपमानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं’
उन्होंने कहा कि आप पहले से ही देख रहे हैं कि चंद्रबाबू नायडू भाजपा के समर्थन में कुछ नहीं बोल रहे हैं. नीतीश कुमार भी भाजपा के समर्थन में कुछ नहीं कह रहे हैं. उन्हें समझना चाहिए कि जल्द ही उनके गठबंधन सहयोगी भी कहेंगे कि सड़कों पर लोगों को पीटने वाली यह हिंसा नहीं चलेगी. आज देश के युवाओं के साथ जो अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
अनीश गवांडे ने कहा कि आज भारत में सार्वजनिक शिक्षा के खिलाफ एक तरह का युद्ध छेड़ा गया है. सत्यजित रे फिल्म संस्थान में छात्रों को पीटा जा रहा है, तो टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) मुंबई में छात्रों को एक स्मृति व्याख्यान आयोजित करने पर जेल भेज दिया गया. जेएनयू में छात्र भूख हड़ताल पर हैं क्योंकि उनके पास सीपीडब्ल्यूडी द्वारा रहने योग्य और सुरक्षित घोषित छात्रावास तक नहीं है.
जामिया में छात्र भूख हड़ताल पर हैं क्योंकि वहां ऐसी छात्र परिषद नहीं है जिसे छात्र खुद चुन सकें.भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के विदेशी टूलकिट वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि नितिन नवीन को यह समझना चाहिए कि अगर वे हर बात पर विदेशी टूलकिट का आरोप लगाते रहेंगे, तो लोग नाराज होंगे. जब पुलिस लोगों को पीटती है और उसका वीडियो सामने आता है, तो आप उसे पाकिस्तान की फेक न्यूज बताते हैं.
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