यूके (ब्रिटेन) सरकार ने भारत समेत सात देशों में रह रहे शरणार्थियों को अपने देश में बसाने के लिए तीन नए ‘सुरक्षित और कानूनी’ रास्ते (स्पॉन्सरशिप मार्ग) शुरू करने का ऐलान किया है. इस योजना का मुख्य मकसद अवैध तरीकों (जैसे नौकाओं या ट्रकों के जरिए) से ब्रिटेन पहुंचने वाले शरणार्थियों को रोकना और उन्हें कानूनी रास्ता देना है.
यह योजना उन शरणार्थियों के लिए है जो अपने मूल देश से बाहर भारत, बांग्लादेश, मिस्र, केन्या, मलेशिया, पाकिस्तान या युगांडा में रह रहे हैं. शरणार्थी का संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के तहत पंजीकृत होना जरूरी है. यह सुविधा केवल भारत में रह रहे विदेशी शरणार्थियों (जैसे तिब्बती, श्रीलंकाई तमिल, अफगानी या म्यांमार के रोहिंग्या) के लिए है. भारत के मूल नागरिकों के लिए यह लागू नहीं होती है.
क्या हैं तीन रास्ते
कम्युनिटी स्पॉन्सरशिप– यूके की सामाजिक संस्थाएं (चैरिटी) शरणार्थियों को स्पॉन्सर कर सकती हैं.
रोजगार के जरिए– यूके के मालिक या कंपनियां शरणार्थियों को नौकरी देकर स्पॉन्सर कर सकती हैं.
शिक्षा के जरिए– यूके की यूनिवर्सिटीज शरणार्थियों को पढ़ाई के लिए स्पॉन्सर कर सकती हैं.
मिलेंगी ये सुविधाएं
ब्रिटेन पहुंचने पर शरणार्थियों को तुरंत काम करने, पढ़ाई करने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का अधिकार मिलेगा. 5 साल बाद वे वहां स्थायी निवासी (Permanent Residency) बनने के योग्य हो जाएंगे. शरणार्थियों के रहने का खर्च ब्रिटेन सरकार के बजाय उन्हें स्पॉन्सर करने वाली संस्थाएं या कंपनियां उठाएंगी.
कब से लागू होगा?
कम्युनिटी और पढ़ाई के जरिए स्पॉन्सरशिप के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं और पहली खेप 2027 के उत्तरार्ध (ऑटम) तक ब्रिटेन पहुंचेगी. नौकरी (Work) के तहत आवेदन 2027 की शुरुआत से शुरू होंगे.
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