शुक्रवार को रांची में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भारतीय बॉलिंग लाइन-अप की धज्जियां उधेड़ कर रख दीं. भारत के किसी भी गेंदबाज का इकोनॉमी रेट 10 से नीचे नहीं रहा. अक्षर पटेल और कुलदीप यादव ने तो गेंदबाजी में पचासा ठोक दिया. इसके बावजूद गंभीर ने अपने गेंदबाजों का बचाव किया है. दूसरी पारी में ओस/ड्यू ने सारा गेम ही पलट कर रख दिया, यह मुख्य वजह रही कि टीम इंडिया 250 रनों का टारगेट डिफेंड नहीं कर पाई.
मैच के बाद कोच गौतम गंभीर ने कहा, “वे कोई विदेशी गेंदबाज नहीं हैं, उनका करियर भी दांव पर लगा होता है. इस ड्रेसिंग रूम में बैठने के लिए उन्होंने भी बहुत मेहनत की है, ऐसा नहीं है कि वो मेहनत नहीं करते. उन्होंने भी मेहनत की है. इसलिए गेंद और बल्ले के बीच बराबर कम्पटीशन होगा, वह अच्छा होगा और ऐसे में अच्छा क्रिकेट भी देखने को मिलेगा.”
चर्चा है कि दूसरी पारी में काफी अधिक ओस के कारण भारतीय गेंदबाज वेस्टइंडीज की रन गति पर ब्रेक नहीं लगा पाए. मगर गौतम गंभीर ने इस बात को स्पष्ट नकार दिया और कहा कि भारत एक वर्ल्ड चैंपियन टीम है, फ्लैट विकेट मिलेंगी और ओस भी आएगी, लेकिन टीम को खुद में सुधार करते हुए जीत की तरफ बढ़ना होगा.
गंभीर ने कहा, “हम एक वर्ल्ड चैंपियन टीम हैं, इसलिए हम सुधार करते रहना चाहते हैं. जाहिर है, ये परिस्थितियां गेंदबाजी के लिए कठिन थीं. फ्लैट विकेट, ओस पड़ रही थी, गेंदबाजी कठिन थी, लेकिन हमें कुछ तरीका खोज कर विपक्षी टीम को रोकना होगा. खासतौर पर तब जब उनके 2 विकेट पहले ओवर में और 3 विकेट पहले 6 ओवर में गिर चुके थे.”
मयंक यादव ने पहले ही ओवर में कामिल पूरन और शिमरोन हेटमायर को आउट कर दिया था. वहीं छठे ओवर में मयंक ने रोवमैन पावेल को आउट कर दिया था. 58 रन के स्कोर तक वेस्टइंडीज के 3 विकेट गिर चुके थे.
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