दुनियाभर में तेल के दामों को बढ़ाए रखने और अमेरिका चुनावों को प्रभावित करने को लेकर ईरान नए सिरे से प्लान बना रहा है. तेहरान के 2 वरिष्ठ अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि ईरान तेल की कीमतों को ऊंचा रखने और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों को प्रभावित करने के मकसद से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने के लिए नई रणनीति अपना रहा है.
अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू करने के बाद से ही तेहरान लगातार होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना कंट्रोल बनाए रखने का प्रयास कर रहा है. तेहरान ने इस अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग से आवागमन प्रतिबंधित कर रखा है.
वॉशिंगटन पर दबाव की रणनीति
ईरान युद्ध से पहले वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस (LNG) व्यापार का दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज से ही गुजरता था ऐसे में ईरान की शुरू से कोशिश रही है कि वॉशिंगटन पर दबाव बनाया जाए. इसी के मद्देनजर तेहरान ने होर्मुज अपना प्रभाव बना रखा है.
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने रियर एडमिरल अली अजमाई के हवाले से कहा कि हम अमेरिकी युद्धपोतों के होर्मुज के प्रवेश द्वार के पास आने का इंतजार कर रहे हैं ताकि हम उन्हें डुबो सकें. आईआरजीसी के नौसेना कमांडर ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोत इस रणनीतिक जलमार्ग के पास आने की हिम्मत नहीं कर सकते क्योंकि वे हमले के प्रति संवेदनशील हैं.
होर्मुज पर असल में किसका कंट्रोल
अजमाई के मुताबिक 13 अरब डॉलर मूल्य का एक अमेरिकी विमानवाहक पोत स्ट्रेट से 700 किलोमीटर दूर चला गया है. अजमाई ने कहा, “अगर अमेरिका यह जानना चाहता है कि होर्मुज खुला है या बंद तो उन्हें मैदान में जाकर देखना चाहिए कि इस पर असल में किसका कंट्रोल है.” उन्होंने कहा कि ईरानी सेना ने 2 ऐसी घटनाओं की जानकारी जारी की है जिनमें दोषी जहाजों पर बैन लगाए गए थे. उन्होंने अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों पर इन घटनाओं की मीडिया कवरेज को रोकने का आरोप लगाया है.
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