जोधपुर में ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम और आसान कमाई का झांसा देकर युवतियों को अपने जाल में फंसाने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और रेप करने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है.
जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से बड़ी संख्या में युवतियों के वीडियो, चैट और निजी जानकारी मिलने की बात सामने आई है. यह कार्रवाई जोधपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सत्येंद्र सिंह और जिला पुलिस अधीक्षक पंकज यादव के निर्देशन में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई.
पुलिस ने मुख्य आरोपी फैजान अहमद पुत्र अजिमुल्ला अहमद, निवासी शिवाजी नगर, मानखुर्द, मुंबई तथा उसके सहयोगी आमिर हुसैन पुत्र अहमद अंसारी, निवासी बरहेट, साहेबगंज, झारखंड, हाल मुंबई को गिरफ्तार किया है.
स्नैपचैट पर विज्ञापन देखकर संपर्क में आई पीड़िता
पुलिस के अनुसार 31 अगस्त 2026 को एक पीड़िता ने महिला थाना, जोधपुर ग्रामीण में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पीड़िता ने बताया कि उसने स्नैपचैट पर वर्क फ्रॉम होम से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था. विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद अज्ञात व्यक्ति ने उससे संपर्क किया और ऑनलाइन काम दिलाने के नाम पर उसकी आईडी और हस्ताक्षर हासिल कर लिए.
इसके बाद सोशल मीडिया पर रील लाइक और शेयर करने जैसे टास्क दिए गए. इसी दौरान आरोपियों ने पीड़िता की फोटो और वीडियो हासिल कर लिए. पुलिस के मुताबिक बाद में इन्हीं फोटो-वीडियो का इस्तेमाल कर पीड़िता को ब्लैकमेल किया गया और न्यूड वीडियो कॉल करने के लिए दबाव बनाया गया. वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे पैसे भी वसूले गए.
होटल में बुलाकर रेप का आरोप
जांच में पुलिस के सामने यह भी आया कि 11 दिसंबर 2025 को आरोपी जोधपुर आया था. आरोप है कि उसने होटल में पीड़िता से मुलाकात की और उसके साथ रेप किया. इसके बाद भी ब्लैकमेलिंग और पैसों की मांग जारी रही. पुलिस जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में करीब 30 युवतियों के अश्लील वीडियो और चैट मिलने की बात सामने आई है.
इसके अलावा 200 से अधिक युवतियों के वर्क फ्रॉम होम प्रोफाइल, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य निजी विवरण भी मिलने का दावा पुलिस ने किया है. पुलिस को आशंका है कि गिरोह राजस्थान के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी युवतियों को अपने जाल में फंसा रहा था. मामले में सेक्स रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
साइबर तकनीक से मुंबई पहुंची पुलिस
महिला थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन मुंबई में ट्रेस की. पुलिस टीम ने कई दिनों तक स्थानीय स्तर पर निगरानी रखी और आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के बाद योजनाबद्ध तरीके से दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
जिला पुलिस अधीक्षक पंकज यादव ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम, जॉब ऑफर या आसान कमाई के नाम पर आने वाले संदिग्ध विज्ञापनों से सावधान रहें. अनजान लोगों के साथ अपनी आईडी, निजी फोटो-वीडियो, ओटीपी या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करें. पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया पर ब्लैकमेलिंग या धमकी मिलने पर घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें और साइबर अपराध की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें.
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