तख्तापलट के बाद देश छोड़कर निकलीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि आगामी दिसंबर के महीने में वह हर हाल में बांग्लादेश वापस लौटेंगी. उन्होंने कहा, ‘मैं दिसंबर में बांग्लादेश वापस जाऊंगी, मुझे डर नहीं है. मुझे पता है कि वे मुझे मार सकते हैं, गिरफ्तार कर सकते हैं और अत्याचार कर सकते हैं.’ सेंटर फॉर यूएस-बांग्लादेश रिलेशंस के कार्यक्रम में उन्होंने ये बातें कही.
वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शेख हसीना ने कहा, ‘मैं दिसंबर में बांग्लादेश वापस जाऊंगी. मुझे किसी बात का डर नहीं है. मैं जानती हूं कि वे मुझे मार सकते हैं, गिरफ्तार कर सकते हैं और प्रताड़ित कर सकते हैं, लेकिन देश वापस जाना मेरी जिम्मेदारी है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वे पहले भी जेल और प्रताड़ना का सामना कर चुकी हैं, इसलिए इस बार भी पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता.’ उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि तमाम जोखिमों के बाद भी वे बांग्लादेश लौटने के अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग हैं.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यूएसएआईडी (USAID) की फंडिंग रोकने से यह पैसा गलत हाथों में जाने से बच जाएगा. उन्होंने बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और जबरन वसूली काफी बढ़ गई है. उन्होंने मौजूदा सरकार को पूरी तरह से भ्रष्ट करार दिया और बांग्लादेश में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव कराने की मांग की.
शेख हसीना ने कहा कि अगर उन्हें मौत भी आती है तो वह अपनी जन्मभूमि पर ही अंतिम सांस लेना चाहती हैं, जहां उनके माता-पिता की यादें हैं. उन्होंने साफ किया कि उनकी वापसी और अवामी लीग की चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी सत्ता के लिए नहीं, बल्कि देश में विकास, धर्मनिरपेक्षता और स्थिरता बहाल करने के लिए है.
बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने साल 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में शेख हसीना को नवंबर 2025 में उनकी गैरहाजिरी में फांसी की सजा सुनाई थी. हालांकि, शेख हसीना ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए इस पूरी कानूनी प्रक्रिया को राजनीति से प्रेरित बताया है.
बांग्लादेश की पूर्व मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार और अब तारिक रहमान की नई सरकार, दोनों ने ही भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है. वहीं दूसरी ओर, भारत सरकार का कहना है कि इस प्रत्यर्पण की मांग की समीक्षा न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए की जा रही है













