फिल्म स्टार सलमान खान और शाहरुख खान की गणपति पूजा अब विवादों में घिर गई है. मुस्लिम धर्म गुरुओं ने इसे पूरी तरह से इस्लाम के खिलाफ बताते हुए दोनों फिल्म कलाकारों का बड़ा गुनाह बताया है. पिंक सिटी जयपुर के धर्मगुरु और इस्लामिक विद्वान का कहना है कि दोनों फिल्मी सितारों ने शिर्क यानी ऐसा गुनाह किया है, जिसकी आसानी से कोई माफी नहीं है.
धर्मगुरु और इस्लामिक विद्वानों ने कहा कि सलमान और शाहरुख इस्लाम धर्म से अपना ईमान खो चुके हैं. दोनों को अपने इस गुनाह के लिए तौबा करना चाहिए. फिर से कलमा पढ़ना चाहिए और इस्लाम में फिर से ईमान वापस लाना चाहिए. इन्हें अपने लाखों करोड़ों मुस्लिम फॉलोअर्स से भी यह अपील करनी चाहिए कि उन्होंने धर्म के खिलाफ काम किया है और बड़ी गलती की है. इसलिए उन्हें देखकर कोई दूसरा मुसलमान मूर्ति पूजा की गलती ना दोहराएं.
ऑल इंडिया मिली काउंसिल के सचिव अब्दुल लतीफ आरको ने तो यहां तक कहां है कि दोनों फिल्मी सितारों की नकल कर कोई दूसरा मुसलमान अगर किसी हिंदू देवी देवता की पूजा या आरती करेगा तो उसका गुनाह भी सलमान और शाहरुख के सिर ही जाएगा.
‘अल्लाह के सिवा किसी दूसरे के सामने झुकना…’
जयपुर के नायब शहर काजी सैयद असगर अली का साफ तौर पर कहना है कि इस्लाम तौहीद यानी एकेश्वरवाद के सिद्धांत पर चलता है. अल्लाह के सिवा किसी दूसरे के सामने झुकना, उसकी उपासना करना, उसकी पूजा या आरती करना पूरी तरह शिर्क कहलाता है. शिर्क को इस्लाम धर्म में सबसे बड़े गुनाहों में माना गया है. बेहद खास हालातों में ही इसकी माफी होती है और गुनाह से मुक्ति मिलती है.
‘सलमान-शाहरुख खान को अपनी गलती माननी होगी’
उनके मुताबिक सलमान खान और शाहरुख खान को सबसे पहले अपनी गलती माननी होगी. फिर अल्लाह के सामने तौबा करना होगा. फिर से कलमा पढ़ना होगा और इस्लाम के प्रति अपना ईमान दोबारा कायम कर उसे और पुख्ता करना होगा. अगर तौबा करने की उनकी नियत सही होगी और वह भविष्य में दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे, तभी अल्लाह उन्हें माफ कर सकता है.
सैयद असगर अली के मुताबिक दोनों कलाकारों का गुनाह इसलिए भी और बड़ा हो जाता है, क्योंकि उनके लाखों करोड़ों फॉलोअर्स हैं और इन्हें ऐसा करते देखकर वह भी मूर्ति पूजा शुरू कर सकते हैं. अल्लाह के अलावा किसी दूसरे के सामने भी झुक सकते हैं.
‘अपने गुनाहों से तौबा करना चाहिए’
इस्लामिक विद्वान और ऑल इंडिया मिल्लत काउंसिल के सचिव अब्दुल लतीफ आर्को के मुताबिक दोनों फिल्मी सितारों को इस्लाम धर्म का पूरा ज्ञान होना चाहिए. फिल्मों में पूजा और आरती की एक्टिंग तक तो चल सकता है लेकिन रियल लाइफ में गणपति पूजा करके यह सीधे तौर पर इस्लाम के गुनाहगार हो गए हैं. इन्हें इस्लाम के उसूलों का पालन करते हुए अपने गुनाहों से तौबा करना चाहिए और इस्लाम पर अपना ईमान पुख्ता करना चाहिए. दोनों का यह कदम पूरी तरह से इस्लाम के खिलाफ है.
सिरोही चुनाव: मंदिर में BJP के पार्षदों ने खाई कसम, फिर भी मिले सिर्फ 5 वोट
















