नीरू ढांडा एशियन गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी में भारत की ध्वजवाहक होंगी. शूटर नीरू आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत के लिए पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाली खिलाड़ी थीं. भारतीय दल की उपमाशन प्रमुख अंजलि भागवत ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि नीरू शनिवार सुबह नागोया लौटेंगी. पुरुष ध्वजवाहक के नाम का ऐलान बाद में किया जाएगा.
नीरू ढांडा ने पहला गोल्ड महिला ट्रैप टीम के साथ जीता था. मनीषा केर, आशिमा अहलावत और नीरू की तिकड़ी ने शूटिंग में सिल्वर मेडल जीता था. इसके बाद नीरू ने शूटिंग में ट्रैप में गोल्ड जीता, जो एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला व्यक्तिगत गोल्ड था.
नीरू ने इसके बाद किनान चेनाई के साथ शूटिंग के मिक्स्ड ट्रैप में गोल्ड मेडल जीता. इस तरह नीरू ने 2 गोल्ड समेत कुल 3 मेडल जीते. क्लोजिंग सेरेमनी में भारत की ध्वजवाहक बनना उनके लिए बेहद गर्व का पल होगा.
नीरू हरियाणा के जींद की रहने वाली हैं, जो गरीब परिवार से आती हैं. उनके पिता किसान हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब नीरू ने एशियन गेम्स में गोल्ड जीता था, तब उनकी मां बीपीएल कार्ड पर राशन लेने गई हुईं थी.
भारत के कुल पदकों की संख्या हुई 76
खबर लिखे जाने तक भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 76 मेडल जीत लिए हैं. शुक्रवार को ऐतिहासिक दिन रहा, भारत की महिला हॉकी टीम ने फाइनल में चीन को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. 1982 में पहली बार एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद अपना दूसरा गोल्ड जीता.
इससे पहले शुक्रवार को मुक्केबाजों ने भारत को 3 गोल्ड जितवाए. प्रवीण हूडा, अंकुश पंघाल और लवलीन बोरगोहेन ने गोल्ड मेडल जीता.
भारत 16 गोल्ड मेडल के साथ पदक तालिका में पांचवें स्थान पर आ गया है. भारत ने अभी तक 16 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज़ मेडल जीते हैं. शनिवार को भी खास दिन है, भारतीय क्रिकेट टीम गोल्ड के लिए फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ेगी.
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