Image

World Bank ने FY26 के लिए भारत की ग्रोथ रेट का अनुमान घटाकर 6.3% किया, वैश्विक अनिश्चितता को बताया कारण


विश्व बैंक (World Bank) ने बुधवार को वैश्विक आर्थिक कमजोरी और नीति अनिश्चितता के बीच चालू वित्त वर्ष (2025-26) के लिए भारत के वृद्धि अनुमान को 0.4% घटाकर 6.3% कर दिया। विश्व बैंक ने अपने पिछले अनुमान में वित्त वर्ष…

Last Updated: अप्रैल 23, 2025 | 4:59 PM IST

विश्व बैंक (World Bank) ने बुधवार को वैश्विक आर्थिक कमजोरी और नीति अनिश्चितता के बीच चालू वित्त वर्ष (2025-26) के लिए भारत के वृद्धि अनुमान को 0.4% घटाकर 6.3% कर दिया। विश्व बैंक ने अपने पिछले अनुमान में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की वृद्धि दर 6.7% रहने का अनुमान लगाया था। विश्व बैंक ने अपने द्विवार्षिक क्षेत्रीय दृष्टिकोण में कहा कि भारत में वित्त वर्ष 2024-25 में वृद्धि निराशाजनक रही, क्योंकि निजी निवेश में धीमी वृद्धि हुई तथा सार्वजनिक पूंजीगत व्यय सरकारी लक्ष्यों को पूरा नहीं कर सके।

विश्व बैंक के ‘दक्षिण एशिया विकास अपडेट-टैक्सिंग टाइम्स’ ने कहा, “भारत में, वित्त वर्ष 2024-25 में 6.5% से वित्त वर्ष 2025/26 में 6.3% तक वृद्धि दर धीमी होने की संभावना है, क्योंकि मौद्रिक सहजता और विनियामक सुव्यवस्थितता से निजी निवेश को होने वाला लाभ वैश्विक आर्थिक कमजोरी और नीति अनिश्चितता से प्रभावित हो सकता है।”

Also read: RBI gold buying:आरबीआई ने मार्च में फिर सोने पर लगाया दांव, फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़कर 12 फीसदी के करीब पहुंची

IMF ने भी घटाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी मंगलवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के वृद्धि अनुमान को जनवरी के 6.5% से घटाकर 6.2% कर दिया। विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौद्रिक सहजता और विनियामकीय सरलीकरण से निजी निवेश को होने वाला लाभ, वैश्विक आर्थिक कमजोरी और नीति अनिश्चितता से प्रभावित हो सकता है।

ALSO READ: फरवरी में BSE 500 कंपनी ने दिया ₹17.50 का डिविडेंड, अब 5 मई को होगा अंतिम डिविडेंड का ऐलान!

इसने कहा, “कर कटौती से निजी उपभोग को लाभ मिलने की उम्मीद है, और सार्वजनिक निवेश योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से सरकारी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन व्यापार नीति में बदलाव और वैश्विक वृद्धि में सुस्ती के कारण निर्यात मांग बाधित होगी।” इसमें कहा गया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता के बीच दक्षिण एशिया की वृद्धि संभावनाएं कमजोर हो गई हैं तथा क्षेत्र के अधिकांश देशों में अनुमान घटा दिए गए हैं।

(एजेंसी के इनपुट के साथ)



Source link

Related Posts

यूपी में महिलाएं बनेंगी ‘कृषि सखी’, मिलेगी ट्रेनिंग, मानदेय होगा 5,000 रुपये

उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड और गंगा तट के इलाकों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए…

ByByPUJA KUMARI Sep 24, 2026

अरहर की सरकारी खरीद 4 लाख टन के करीब पहुंची, आंध्र प्रदेश में खरीद अव​धि बढ़ी

उत्पादक राज्यों में अरहर की सरकारी खरीद जारी है। इसकी खरीद लक्ष्य के 30 फीसदी के करीब…

ByByPUJA KUMARI Sep 24, 2026

कश्मीर पर्यटन उद्योग को तगड़ा छटका, 90% ट्रैवल बुकिंग हुई रद्द

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, दिल्ली की कई ट्रैवल एजेंसियों ने बुधवार को बताया कि…

ByByPUJA KUMARI Sep 24, 2026

जानें India- Saudi Arabia वार्ता और पीएम मोदी के सऊदी अरब दौरे की हर बात 

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र…

ByByPUJA KUMARI Sep 24, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top