उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और साइबर क्राइम के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़े सरकार ने जारी किए हैं. सरकार के मुताबिक, 20 मार्च 2017 से अब तक 23,601 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. वहीं गैंगस्टर एक्ट के तहत 15,233 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध चल-अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं. साइबर अपराध से जुड़े मामलों में अगस्त 2019 से जून 2026 के बीच 874.58 करोड़ रुपये से अधिक की रकम फ्रीज या होल्ड कराई गई.
यूपी पुलिस के मुताबिक प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने संचालित किए जा रहे हैं. इसके अलावा पुलिस थानों में साइबर सेल और हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं. साइबर क्राइम पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 के जरिए साइबर ठगी से जुड़ी रकम को फ्रीज या होल्ड कराने की कार्रवाई की जा रही है. सरकार के अनुसार, मार्च 2026 की साइबर अपराध संबंधी रैंकिंग में यूपी देश में पहले स्थान पर रहा.
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23,601 इनामी अपराधी गिरफ्तार
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 20 मार्च 2017 से अब तक 23,601 ऐसे अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर इनाम घोषित था. इसी अवधि में पुलिस मुठभेड़ों में 303 अपराधियों के मारे जाने और 12,202 के घायल होने की बात भी आंकड़ों में कही गई है. ये आंकड़े सरकार द्वारा पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में जारी किए गए हैं.
गैंगस्टर एक्ट में 87,835 पर कार्रवाई
सरकार के मुताबिक, गैंगस्टर एक्ट के तहत 87,835 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई. इसी कानून के तहत अपराध से अर्जित बताई गई 15,233 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियां जब्त की गईं. वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत 995 लोगों पर कार्रवाई की गई है.
68 चिह्नित माफिया के खिलाफ 909 केस
प्रदेश स्तर पर चिह्नित 68 माफिया और उनके गिरोह के सदस्यों व सहयोगियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई. अधिकारियों के अनुसार, इनके खिलाफ कुल 909 मुकदमे दर्ज किए गए और 651 लोगों को गिरफ्तार किया गया. सरकार इन कार्रवाइयों को संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर शिकंजा कसने की कार्रवाई के तौर पर पेश कर रही है.
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