उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले स्नातक और शिक्षक सीट पर हुए मदतान को सेमी फाइनल मैच की तौर पर देखा जा रहा था. इस मैच में बीजेपी ‘छक्का’ मारने में कामयाब हुई यानी 11 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी 6 सीट जीतने में सफल रही. 5 सीट पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की है.
इन नतीजों में बीजेपी के कई मौजूदा एमएलसी अपनी सीट बचाने में सफल रहे. लखनऊ शिक्षक सीट से उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाई, जबकि गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से ध्रुव कुमार त्रिपाठी लगातार चौथी बार निर्वाचित हुए. मेरठ की दोनों सीटों पर जीत के साथ बीजेपी ने अपना प्रतिनिधित्व बरकरार रखा. अब जानिए बीजेपी के 6 विजेता कौन कौन हैं?
दिनेश कुमार गोयल: मेरठ स्नातक सीट पर दूसरी बार जीत
कारोबारी और आरकेजी ग्रुप के चेयरमैन दिनेश कुमार गोयल ने मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के टिकट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है. पहली बार 2020 में एमएलसी चुने गए थे और 2026 में दोबारा सीट बचाने में सफल रहे. जानकार बताते है दिनेश कुमार बीजेपी संगठन में अंदर तक अपनी पहुंच रखते है. दिनेश राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूशंस ग्रुप के चेयरमैन हैं. चुनाव के दौरान स्नातक मतदाताओं के बीच रोजगार और युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर जैसे मुद्दे उनकी प्राथमिकताओं में रहे हैं.
डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ‘गुरु जी’: आगरा स्नातक सीट बरकरार
आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ‘गुरु जी’ ने जीत दर्ज कर दूसरी बार विधान परिषद में पहुंचने का रास्ता साफ किया. वह 2020 में पहली बार इस सीट से निर्वाचित हुए थे. मानवेंद्र प्रताप सिंह के राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से हुई थी. 1990 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से सक्रिय राजनीति शुरू की.
1992 में एसवी कॉलेज में विद्यार्थी परिषद के मंत्री और 1993 में नगर मंत्री बने. 1995 में विद्यार्थी परिषद के आंदोलन के दौरान आगरा में हुए लाठीचार्ज में उनके दोनों पैर गंभीर रूप से घायल हो गए थे. 2013 में बीजेपी के शिक्षा प्रकोष्ठ में प्रदेश सह-संयोजक और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए.
श्रीचंद शर्मा: मेरठ शिक्षक सीट पर जीत
बीजेपी के श्रीचंद शर्मा ने मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की. वह पार्टी संगठन में कई जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. 1988 आरएसएस के स्वयंसेवक बने. 1996 विश्व हिंदू परिषद के जिला प्रमुख बनाए गए. 2000 आरएसएस के जिला प्रचार प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई. 2004–2007 बीजेपी के गौतमबुद्ध नगर जिलाध्यक्ष रहे. 2013–2016 बीजेपी के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रहे. 2020 मेरठ-सहारनपुर शिक्षक सीट से पहली बार एमएलसी बने. इसके बाद लगातार दूसरी बार शिक्षक एमएलसी निर्वाचित हुए.
उमेश द्विवेदी: लखनऊ शिक्षक सीट पर हैट्रिक
लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के उमेश द्विवेदी ने सपा प्रत्याशी सुशील कुमार को हराया. द्विवेदी को 13,179 वोट मिले, जबकि सुशील कुमार को 8,371 मत प्राप्त हुए. इस तरह जीत का अंतर 4,808 मत रहा. उमेश द्विवेदी ने 2014 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पहली बार चुनाव जीता था. नवंबर 2019 में बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने 2020 का चुनाव भी जीता. 2026 में तीसरी जीत के साथ उन्होंने हैट्रिक पूरी की.
डॉ. हरि सिंह ढिल्लों: बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर बड़ी जीत
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने सपा के हाजी दानिश अख्तर को 17,676 मतों से हराया. ढिल्लों को 21,672, जबकि अख्तर को 3,996 मत मिले. उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी. शिक्षकों के सम्मान, कैशलेस मेडिकल सुविधा, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नकलविहीन परीक्षाओं जैसे मुद्दे उनके कार्यक्षेत्र से जुड़े रहे हैं.
ध्रुव कुमार त्रिपाठी: गोरखपुर-फैजाबाद में लगातार चौथी जीत
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव को बेहद करीबी मुकाबले में हराया. जीत का अंतर महज 307 वोट रहा. इस जीत के साथ त्रिपाठी लगातार चौथी बार विधान परिषद पहुंचे. अपने क्षेत्र में शिक्षकों के बड़े नेता माने जाते रहे हैं. शिक्षक नेता पंचानन राय के निधन के बाद 2008 में हुए चुनाव में पहली बार विधान परिषद पहुंचे थे. उसके बाद से 2014, 2020 और 2026 में जीत दर्ज की हैं. इस दौरान उनके क्षेत्र में चर्चा रही कि अगर समाजवादी पार्टी कमलेश यादव का टिकट नहीं काटती तो ये सीट इनके पाले में आ जाती.
2027 का हुआ सेमी फाइनल!
विधान परिषद की 11 सीट पर हुए चुनाव ने उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों को करीब 48 घंटे से ज्यादा जगाए रखा. कई सीटों पर मतदान की गिनती तीसरे दिन तक चली. वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेंद्र शुक्ला के मुताबिक 2027 विधानसभा चुनाव में दो पार्टियां प्रमुख रूप से आमने-सामने है. इसमें एक तो सत्ताधारी बीजेपी तो दूसरी विपक्ष में बैठी समाजवादी पार्टी है. यही बात विधान परिषद के चुनाव में भी देखने को मिली.
आमतौर पर पहले शिक्षक और स्नातक चुनाव को पार्टियां इतनी तवज्जो देकर नहीं लड़ती थी. लेकिन इस बार मामला पूरी तरह से उल्टा हो गया. बीजेपी और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के बीच हुई इस रोचक लड़ाई में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल मैच दिखा दिया है. यानी साफ तौर पर जाहिर है कि 2027 की लड़ाई अब और भी रोचक होने जा रही है.
MLC चुनाव में सपा के 5 चेहरों ने दर्ज की जीत
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर हुए चुनाव में समाजवादी पार्टी ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की है. इन नतीजों में लखनऊ स्नातक सीट पर कांति सिंह की वापसी, आगरा शिक्षक सीट पर डॉ. आकाश अग्रवाल की जीत और वाराणसी में लाल बिहारी यादव और आशुतोष सिन्हा का प्रदर्शन खास रहा. जानिए जीते हुए प्रत्याशियों की प्रोफाइल.
कांति सिंह: लखनऊ स्नातक सीट पर वापसी
लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कांति सिंह ने जीत दर्ज की. इससे पहले वो वर्ष 2014 में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी, लेकिन 2020 के चुनाव में बीजेपी के अवनीश कुमार सिंह से हार गई थीं. इस बार सपा प्रत्याशी के रूप में उन्होंने वापसी की. वो समाजवादी महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष भी रही है.
वही उनके पति डॉ. एस.पी. सिंह पटेल समाजवादी पार्टी (सपा) से प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से सांसद हैं. लखनऊ पब्लिक स्कूल्स एंड कॉलेजेज की मुख्य प्रशासिका भी हैं. कांति सिंह को 56,905 वोट मिले, जबकि बीजेपी के अवनीश कुमार सिंह को 39,778 वोट मिले। इस तरह उन्होंने 17,127 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.
डॉ. आकाश अग्रवाल: शिक्षक हितों के मुद्दों से बनाई पहचान
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत हासिल की. उनकी सबसे बड़ी पहचान वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की समस्याओं को उठाने में की जाती है. वर्ष 2020 में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी. बाद में बीजेपी में शामिल हुए. अक्टूबर में पार्टी से बागी हो कर सपा में आ गए. इस बार सपा के टिकट पर उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी को हराया. सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ने 3 अक्टूबर को डॉ. आकाश अग्रवाल को डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता की जगह उम्मीदवार बनाया गया था.
डॉ. मान सिंह यादव: लगातार दूसरी बार बने एमएलसी
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. मान सिंह यादव ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की. वह शिक्षक राजनीति में सक्रिय रहे हैं और समाजवादी पार्टी की शिक्षक सभा में कई जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. शिक्षा और शिक्षक भर्ती से जुड़े मुद्दे उनकी राजनीतिक पहचान का हिस्सा रहे हैं. वर्ष 2026 के चुनाव में उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी अशोक कुमार राठौर को 27,663 वोटों के अंतर से हराया.
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