केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह उच्च शिक्षण संस्थानों में समता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यूजीसी के 2026 के नियमों की फिर समीक्षा के लिए एक स्पेशल केमेटी का गठन कर रही है. अब इस पर उद्धव ठाकरे गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक सरकार इस पर क्यों खामोश रही. यूपी में आगामी चुनाव के नतीजे को लेकर सरकार डर गई है और अब ऐसा तर्क देकर बरगलाने का काम कर रही है.
शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”उत्तर प्रदेश के इलेक्शन के नतीजे से डर कर यह तर्क सुप्रीम कोर्ट में सरकार की तरफ से दिया जा रहा है, अब तक खामोश बैठे थे, गाइडलाइनस लागू करने को तैयार थे, सुप्रीम कोर्ट ने उसपर स्टे लगाने के बावजूद इतना समय लिया यह बताने को कि एक समिति गठित होगी.”
उत्तर प्रदेश के इलेक्शन के नतीजे से डर कर यह तर्क सुप्रीम कोर्ट में सरकार की तरफ़ से दिया जा रहा है, अब तक खामोश बैठे थे , गाइडलाइनस लागू करने को तैयार थे, सुप्रीम कोर्ट ने उसपर स्टे लगाने के बावजूद इतना समय लिया यह बताने को कि एक समिति गठित होगी – अब तक समिति क्यों नहीं बनी? अब तक क्यों सरकार इसपर खामोश क्यों रही? अब समिति का आश्वासन देकर क्या बरगलाने का काम हो रहा है? बहुत देर कर दी जनाब आते आते, पूरा समाज इस दोगले रवैये को भूलेगा नहीं
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) November 5, 2026
पूरा समाज इस दोगले रवैये को भूलेगा नहीं- प्रियंका चतुर्वेदी
उन्होंने आगे सवाल उठाते हुए लिखा, ”अब तक समिति क्यों नहीं बनी? अब तक क्यों सरकार इसपर खामोश क्यों रही? अब समिति का आश्वासन देकर क्या बरगलाने का काम हो रहा है? बहुत देर कर दी जनाब आते आते, पूरा समाज इस दोगले रवैये को भूलेगा नहीं.”
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सरकार स्टूडेंट्स की चिंताओं का समाधान करने के उपायों पर विचार कर रही है. साथ ही यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि छात्र समुदाय का कोई भी वर्ग खुद को उपेक्षित, असुरक्षित या आशंकित महसूस न करे. चीफ जस्टिस ने हर स्टूडेंट्स के हितों की रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया और याचिकाओं पर सुनवाई चार हफ्ते के लिए स्थगित कर दी.
पटाखों के बाद बकरीद की कुर्बानी पर विवाद, किरीट सोमैया ने BMC को लिखा लेटर














