उत्तर प्रदेश के रामपुर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां को लेकर लगाए गए विवादित पोस्टरों का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. पोस्टर मामले में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी.
सपा नेताओं का दावा है कि शिकायत में पोस्टर लगाने के लिए इस्तेमाल की गई गाड़ी का नंबर भी पुलिस-प्रशासन को उपलब्ध कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
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जिला प्रशासन और पुलिस पर आरोप
गुरुवार को समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष आसिम राजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले में जिला प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले सिविल लाइंस थाना क्षेत्र और उसके आसपास रात के अंधेरे में ऐसे पोस्टर लगाए गए, जिनमें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां के फोटो के साथ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था.
आसिम राजा ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध की भी एक सीमा होती है. किसी राजनीतिक नेता के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल शहर के माहौल को प्रभावित कर सकता है. उन्होंने बताया कि मामले को लेकर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी गई थी.
सपा नगर अध्यक्ष के मुताबिक, पोस्टर लगाने के लिए जिन लोगों के मौके पर आने की बात सामने आई, उनके वाहन का नंबर भी शिकायत में दर्ज कराया गया था. इसके बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ने पर उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.
निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
आसिम राजा ने आरोप लगाया कि प्रशासन को राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जाते हैं और शिकायत के साथ वाहन का नंबर तक उपलब्ध कराया जाता है, तो पुलिस को कम से कम प्रारंभिक जांच कर यह पता लगाना चाहिए कि पोस्टर लगाने वाले लोग कौन थे.
उन्होंने कहा कि पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हुईं. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई नहीं की गई. आसिम राजा ने दावा किया कि सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी होने पर कार्रवाई की जाती है, जबकि विपक्षी नेताओं के खिलाफ लगाए गए विवादित पोस्टरों पर कार्रवाई नहीं होना सवाल खड़े करता है.
पूरे मामले में जांच की मांग
आसिम राजा ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की जांच कर पोस्टर लगाने वाले लोगों की पहचान की जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि रामपुर और मुरादाबाद को राजनीतिक रूप से निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध मुद्दों और नीतियों के आधार पर होना चाहिए, व्यक्तिगत एवं आपत्तिजनक भाषा के जरिए नहीं.
सपा नेता ने यह भी कहा कि आने वाले समय में चुनावी माहौल के बीच इस तरह की घटनाएं शहर के अमन-चैन को प्रभावित कर सकती हैं. उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. फिलहाल विवादित पोस्टरों को लेकर सपा की ओर से लगाए गए आरोपों पर पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामले में जांच और कार्रवाई के संबंध में प्रशासन के आधिकारिक बयान का इंतजार है.
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