राजस्थान के खाटूश्यामजी नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर चल रहा विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है. राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर खंडपीठ ने अध्यक्ष पद के चुनाव पर रोक लगा दी है. न्यायमूर्ति अनुपम कुमार ढंड की खंडपीठ ने अध्यक्ष पद की प्रत्याशी विनिता पूनियां की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया.
दरअसल, वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस की पार्षद लक्ष्मी देवी 21 सितंबर को होने वाले मतदान में शामिल नहीं हुई थीं. इसके बाद उनके पति हरलाल ने पुलिस में उनके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी. मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और धरना-प्रदर्शन भी हुए.
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पुलिस ने करीब 13 घंटे से ज्यादा की मशक्कत के बाद मंगलवार सुबह लक्ष्मी देवी को दस्तयाब कर लिया. इसके बाद उन्हें रींगस न्यायालय में पेश किया गया और बाद में परिवार को सौंप दिया गया.
25 सितंबर को होना था अध्यक्ष पद का चुनाव
पहले जारी कार्यक्रम के मुताबिक खाटूश्यामजी नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए 25 सितंबर 2026 को मतदान और मतगणना होनी थी. मतदान पूरा होने के तुरंत बाद उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाना था. वहीं 26 सितंबर को उपाध्यक्ष पद का चुनाव प्रस्तावित था.
लक्ष्मी देवी के मतदान में शामिल होने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं थी. पहले सामने आई जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश के तहत अनुपस्थित पार्षद का मतदान मान्य नहीं माना जाता, इसलिए उनके वोट को लेकर भी सवाल खड़े हो गए थे.
दोनों पक्षों ने लगाए आरोप
पूरे मामले के दौरान कांग्रेस और बीजेपी समर्थकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले. कांग्रेस पक्ष ने विनिता पूनियां के परिवार के सदस्यों पर लक्ष्मी देवी के अपहरण का आरोप लगाया. वहीं बीजेपी पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया.
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हाईकोर्ट की ओर से अध्यक्ष पद के चुनाव पर रोक लगाए जाने के बाद फिलहाल पूरी चुनाव प्रक्रिया रुक गई है. अब आगे की कार्रवाई हाईकोर्ट के अगले आदेश पर निर्भर करेगी. चुनाव कब होगा और आगे की प्रक्रिया किस तरह चलेगी, इस पर तस्वीर अदालत के अगले निर्देश के बाद ही साफ होगी.














