युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की तरफ से शर्तें रखी गई हैं. वो भी एक नहीं, पूरी 7 की 7 शर्तें रखी हैं. इसमें लेबनान, यमन, इराक और गाजा सहित पूरे इलाके में सभी सैन्य कार्रवाई को बंद करने की मांग की गई है.
इसके अलावा विदेशी बैंकों में फ्रीड ईरान की प्रॉपर्टी को जारी करने की अपील की गई है. वहीं, बंदरगाहों पर अमेरिका की तरफ से लगाई गई नौसेना की नाकेबंदी हटाने की मांग भी की गई है. इसके अलावा आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध हटाने को कहा गया है.
साथ ही इन इलाकों से अमेरिका सैनिकों की वापसी, युद्ध के दौरान हुए नुकसान का हर्जाना, इस्लामिक शासन के खिलाफ अमेरिका की धमकियों और दुश्मनी पूर्ण बयानों को बंद किया जाए.
तेहरान और अमेरिका बीच संदेश एक्सचेंज हो रहे
इसके अलावा ईरान का कहना है कि दोहा में मिडिएशन के बीच अमेरिका के साथ मैसेज का आदान प्रदान जारी है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच संदेशों का आदान प्रदान चल रहा है. उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने इस बातचीत को सुगम बनाने के लिए दोहा का दौरा किया था.
अमेरिका के साथ तनाव के बीच चीनन ने ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का समर्थन किया है. सरकारी समचार एजेसी शिन्हुआ के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि चीन ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करे में उसका समर्थन करता है.
ईरान बोला- अब गेंद अमेरिका के पाले में
ईरान का कहना है कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है. क्योंकि एक मसौदा प्रस्ताव सामने आया है. ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ संदेशों का आदान प्रदान जारी है. तेहरान ने संकेत दिया है कि अगल कदम वॉशिंगटन को उठाना है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत की जानकारी रखने के वाले एक सूत्र के हवाले से कहा है कि ईरान के वार्ताकार रविवार को दोहा से रवाना हो गए. ये वार्ताएं अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने के उद्देश्य से की गई है. उनका जाना बातचीती में आई किसी मुश्किल से जुड़ा नहीं है. फीडबैक के लिए एक मसौदा प्रस्ताव साझा किया गया है. आगे एक और बैठक भी हो सकती है.














