उत्तरखंड के बदरीनाथ घाटी में हुए हेलिकॉप्टर हादसे ने चारधाम यात्रा मार्ग पर हवाई सेवाओं की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट पहले से जारी था और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) हादसे से लगभग एक घंटा पहले चारधाम रूट पर सभी उड़ानें रोकने का आदेश दे चुका था. इसके बावजूद हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी आरोप लगा है कि संचालन करने वाली कंपनी ने इस आदेश को नजरअंदाज किया.
UCADA के अनुसार शुक्रवार को मौसम बिगड़ने की आशंका को देखते हुए चारधाम मार्ग की सभी हवाई सेवाएं बंद करने का निर्देश दिया गया था. यह आदेश प्राधिकरण के हेड ऑफ ऑपरेशंस ग्रुप कैप्टन अमित शर्मा ने जारी किया था. इसके बाद भी ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने अपना हेलिकॉप्टर उड़ा दिया अब यह पता लगाया जा रहा है कि आदेश की अनदेखी किन हालात में हुई और लापरवाही किस स्तर पर हुई.
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कंपनी का जवाब – आदेश की जानकारी नहीं
आरोपों पर ट्रांस भारत एविएशन के डायरेक्टर (फ्लाइट ऑपरेशंस) एस. भट्टाचार्य ने अलग रुख अपनाया है उनका कहना है कि वे इस समय दिल्ली में हैं और उन्हें उड़ानें रोकने के किसी आदेश की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है और इस बारे में स्थिति UCADA ही स्पष्ट कर सकता है.
जांच के बाद होगी कार्रवाई
हादसे के कारणों की पड़ताल के लिए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो AAIB और DGCA के अधिकारियों की टीम उत्तराखंड पहुंच गई है. UCADA के अनुसार जांच में सिर्फ दुर्घटना की तकनीकी वजहें ही नहीं देखी जाएंगी, बल्कि यह भी परखा जाएगा कि उड़ान रोकने के आदेश की अनदेखी हुई या नहीं और DGCA के नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी. इस हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हुई थी, जिसे बड़ी चूक माना जा रहा है.
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