उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन और चुनावी रणनीति पर चर्चा तेज हो रही है. इसी बीच नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने इंडिया अलायंस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना पर अपनी बात रखी. मुजफ्फरनगर में उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी रास्ते अभी खुले हुए हैं. उनका कहना है कि चुनाव में वोटों का बंटवारा नहीं होना चाहिए और इसके लिए वे लोग ध्यान रख रहे हैं.
चंद्रशेखर आजाद ने किसानों, मजदूरों, दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों के मुद्दों को उठाते हुए सरकार से कई सवाल भी किए. उन्होंने गन्ने के दाम, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी बात रखी. साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर भी जवाब दिया.
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्होंने लोगों से एक महीने का समय मांगा है. इस दौरान वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत अलग-अलग वर्गों के बीच माहौल को समझेंगे. उन्होंने कहा, “एक महीने का जो मैंने समय आप लोगों से कहा है. वो एक महीने के अंदर हम आपको बताएंगे माहौल क्या है.” उन्होंने आगे कहा, “माहौल पश्चिम का, दलितों का, पिछड़ों का, मुसलमानों का, किसानों का, मजदूरों का अलायंस ताकत बनाएगा मेरी बात को आप याद करो.”
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आजाद ने साफ किया कि लोकतंत्र में सभी विकल्प खुले हुए हैं. उन्होंने कहा, “मैं तो इंडिया एलायंस के लोगों को भी कह रहा हूं कि मिल के लड़ते हैं. अगर कोई नहीं लड़ेगा तब देखेंगे अभी तो अलायंस के सारे रास्ते खुले हुए हैं.”
उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि चुनाव में वोटों का बंटवारा न हो. आजाद ने कहा, “मिलके लड़ेंगे और वोट का बंटवारा ना हो इस बात का हम लोग ध्यान रख रहे हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि वोटर किसी की जेब में नहीं है और राजनीतिक दलों को जनता के बीच मेहनत करके अपनी जगह बनानी पड़ती है.
मीरापुर चुनाव का जिक्र कर क्या बोले आजाद?
चंद्रशेखर आजाद ने मीरापुर विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्रांतिकारी धरती है. उन्होंने पिछले उपचुनाव में वोटों के बंटवारे की बात कही और दावा किया कि अगर वोटों का बंटवारा नहीं होता तो उनकी पार्टी को ज्यादा समर्थन मिल सकता था.
उन्होंने कहा, “मीरापुर बहुत क्रांतिकारी धरा है. आप उपचुनाव में जानते हैं कि वोट का बंटवारा हुआ था. इस बार वोट का बंटवारा नहीं हुआ तो आजाद समाज पार्टी बहुत अच्छे वोटों से जीत गई.”
उन्होंने आगे दावा किया कि उपचुनाव में तानाशाही के बावजूद उनकी पार्टी को 24 हजार वोट मिले थे. आजाद ने कहा, “जब फ्री एंड फेयर इलेक्शन होगा तो वह 50 हजार पार करेगा और जब वोट जुड़ेगा तो मैं लिख के देता हूं कि 1 लाख से ज्यादा वोट लेकर रविंद्र भाटी विधानसभा में जा रहे हैं.”
गन्ने का रेट 600 रुपये करने की मांग, सरकार से पूछे सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा. उन्होंने गन्ने के दाम को लेकर सवाल उठाया और कहा कि पिछले साढ़े नौ साल में गन्ने के मूल्य में कितनी बढ़ोतरी हुई है, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा, “साढ़े 9 साल में गन्ने पर कितना मूल्य बढ़ाया? बस, मेरा एकमात्र सवाल ये है पहला.”
आजाद ने गन्ने और चीनी के दाम की तुलना करते हुए पूछा, “जब चीनी का रेट ₹60 हो सकता है तो गन्ने का रेट ₹600 क्यों नहीं हो सकता? ऐसा क्या कारण है? कौन रोक रहा है?”
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह सरकार होने के बावजूद किसानों को बेहतर दाम देने में क्या परेशानी है, इसका जवाब दिया जाना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने अच्छे स्कूल बनाने, शिक्षा मुफ्त करने, अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं देने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर भी सवाल उठाए.
आजाद ने कहा, “अच्छे स्कूल बनाने से, शिक्षा फ्री करने से कौन रोक रहा है? अच्छे अस्पताल बनाने से, अस्पतालों में अच्छी सुविधा देने से कौन रोक रहा है? रोजगार देने से सरकार को कौन रोक रहा है?”
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी मांग रखी. उन्होंने फॉर्म-6 के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार इस पर चुप क्यों है. उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की. आजाद ने कहा, “फ्री एंड फेयर इलेक्शन होने चाहिए और मेरी मांग है कि चुनाव बैलेट पेपर से हो, ईवीएम से ना हो.”
उन्होंने आगे कहा, “जनता का हित जरूरी है, जनता की भावना जरूरी है, जनता चाहती है कि बैलेट से चुनाव हो, तो बैलेट से चुनाव होना चाहिए.”
पंचायत चुनाव में देरी को लेकर सरकार पर निशाना
चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव कराने से बच रही है और इसी वजह से पंचायत चुनाव को आगे बढ़ाया गया है. उन्होंने कहा, “सरकार इलेक्शन से इतनी डरी हुई है कि पंचायत चुनाव पीछे ले गयी. अब तो हाई कोर्ट ने कह दिया 3 महीने में कराओ.”
आजाद ने आगे दावा किया, “मैं लिख के देता हूं सुप्रीम कोर्ट जा कर स्टे ले लेगी. चुनाव नहीं कराएगी क्योंकि बटन दबा के इनको बाहर करने के लिए जनता तैयार बैठी है.”
उन्होंने एमएलसी चुनाव के नतीजों को भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया. आजाद के मुताबिक, इन नतीजों से विपक्ष की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकेगा. उन्होंने कहा, “अब विपक्ष अकेला लड़ा है इस बार. एमएलसी चुनाव रिजल्ट बता देगा कि विपक्ष अकेला कितना मजबूत है. रिजल्ट से आइडिया लगा लेना आप लोग.”
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समाजवादी पार्टी से गठबंधन पर क्या बोले चंद्रशेखर आजाद?
जब चंद्रशेखर आजाद से पूछा गया कि क्या वे समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार हैं, तो उन्होंने जवाब में कहा कि उन्हें लगता है कि समाजवादी पार्टी भाजपा को मिलकर हराने के बजाय अकेले लड़ना पसंद करेगी. उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा लगता है कि वो हारना पसंद करेंगे, लेकिन मिल कर भाजपा को हराना पसंद नहीं करेंगे.” इसके बाद उन्होंने कहा, “क्या कारण है? इसका जवाब तो आप उनसे पूछना.”















