जॉर्डन के कराक क्षेत्र में एक चर्च के अंदर अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम सात लोगों की मौत की खबर सामने आई है. यह हमला उस समय किया गया, जब चर्च में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अल-ममलका टीवी के हवाले से बताया कि दो अज्ञात बंदूकधारियों चर्च के भीतर घुसे और अंधाधुंध फायरिंग करने लगे. इसमें करीब 10 लोग घायल भी हुए हैं.
हमलावर एक गाड़ी से उतरे और गोलीबारी शुरू कर दी. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हमलावरों ने घटनास्थल से भागने से पहले लगभग पांच मिनट तक लगातार गोलियां चलाई. स्थानीय पुलिस हमलावरों की तलाश में जुट गई है. जॉर्डन सरकार के मंत्री मोहम्मद मोमानी ने बताया कि सुरक्षा बल इस घटना की जांच और कार्रवाई में लगे हुए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जैसे ही सही जानकारी की पुष्टि होगी, आधिकारिक बयान जारी किए जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा बलों को अपना काम करने दें.
एक चश्मदीद ने ‘अल-ममलका’ टीवी चैनल को बताया कि एक हमलावर के हाथ में एके-47 राइफल थी और कई मिनटों तक लगातार गोलियां चलती रहीं. हमले के बाद चर्च के मुख्य द्वार के फर्श पर खून के धब्बे बिखरे दिखाई दिए और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है. फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और न ही प्रशासन ने हमलावरों की पहचान की पुष्टि की है.
इस हमले पर कड़ा रुख अपनाते हुए जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस आतंकवादी घटना को अंजाम देने वालों से बेहद सख्ती से निपटा जाएगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि गोलियों के दम पर जॉर्डन के लोगों की एकजुटता को तोड़ने का सपना देखने वाले कभी कामयाब नहीं होंगे. जॉर्डन सरकार में मंत्री मोहम्मद खलायलेह और संसद सदस्यों ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है.














