• Home
  • शिक्षा समाचार
  • नौकरी नहीं अपना बिजनेस करना चाहते हैं छात्र, 22% ने शुरू किया अपना कारोबार

नौकरी नहीं अपना बिजनेस करना चाहते हैं छात्र, 22% ने शुरू किया अपना कारोबार


34 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के 1200 से ज्यादा हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के 25,783 छात्रों पर किए गए इस रिसर्च से पता चलता है कि भारत के 43 प्रतिशत छात्र एंटरप्रेन्योर बनने की इच्छा रखते हैं. रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि युवाओं का रुझान पारंपरिक नौकरी की तुलना में खुद के स्टार्टअप की ओर तेजी से बढ़ रहा है.

34 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के 1200 से ज्यादा हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के 25,783 छात्रों पर किए गए इस रिसर्च से पता चलता है कि भारत के 43 प्रतिशत छात्र एंटरप्रेन्योर बनने की इच्छा रखते हैं. रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि युवाओं का रुझान पारंपरिक नौकरी की तुलना में खुद के स्टार्टअप की ओर तेजी से बढ़ रहा है.

बोर्ड के अनुसार कॉलेज पूरा होते ही तुरंत अपना बिजनेस शुरू करने की इच्छा रखने वाले छात्रों का अनुपात 2023 के 14 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 16.2 प्रतिशत हो गया. वहीं पढ़ाई के तुरंत बाद सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाले छात्रों का प्रतिशत 12.7 प्रतिशत से घटकर 10.1 प्रतिशत रह गया. इसके अलावा बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों में नौकरी की इच्छा रखने वाले छात्रों का शेयर 31.3 प्रतिशत से गिरकर 27.4 प्रतिशत पर आ गया.

बोर्ड के अनुसार कॉलेज पूरा होते ही तुरंत अपना बिजनेस शुरू करने की इच्छा रखने वाले छात्रों का अनुपात 2023 के 14 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 16.2 प्रतिशत हो गया. वहीं पढ़ाई के तुरंत बाद सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाले छात्रों का प्रतिशत 12.7 प्रतिशत से घटकर 10.1 प्रतिशत रह गया. इसके अलावा बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों में नौकरी की इच्छा रखने वाले छात्रों का शेयर 31.3 प्रतिशत से गिरकर 27.4 प्रतिशत पर आ गया.

सर्वे में यह भी सामने आया कि भारतीय छात्र-छात्राओं की ओर से शुरू किए गए बिजनेस केवल कागजों पर नहीं है, बल्कि बाजार में भी दिखाई दे रहे हैं. भारतीय छात्र उद्यमियों के 35.5 प्रतिशत बिजनेस में नियमित बिक्री दर्ज की है, जो 33 प्रतिशत के वैश्विक औसत से ज्यादा है. वहीं नियमित बिक्री वाले लगभग 31 प्रतिशत छात्र व्यवसाय अकेले वर्ष 2025 में ही शुरू किए गए थे. वैश्विक स्तर पर यह 18 प्रतिशत है.

सर्वे में यह भी सामने आया कि भारतीय छात्र-छात्राओं की ओर से शुरू किए गए बिजनेस केवल कागजों पर नहीं है, बल्कि बाजार में भी दिखाई दे रहे हैं. भारतीय छात्र उद्यमियों के 35.5 प्रतिशत बिजनेस में नियमित बिक्री दर्ज की है, जो 33 प्रतिशत के वैश्विक औसत से ज्यादा है. वहीं नियमित बिक्री वाले लगभग 31 प्रतिशत छात्र व्यवसाय अकेले वर्ष 2025 में ही शुरू किए गए थे. वैश्विक स्तर पर यह 18 प्रतिशत है.

इसके अलावा नियमित बिक्री करने वाले 41 प्रतिशत संस्थापकों ने अपने पिछले फेल बिजनेस को बंद करके नया स्टार्टअप शुरू किया है. वहीं 42 प्रतिशत भारतीय छात्र उद्यमी एक साथ दो या दो से ज्यादा बिजनेस चला रहे हैं.आईटीआई मंडी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पूरन सिंह और रेवा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. पी श्यामा राजू ने सुझाव दिया है कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी अब केवल नौकरियों के लिए पढ़ाने तक सीमित नहीं रह गई है.  

इसके अलावा नियमित बिक्री करने वाले 41 प्रतिशत संस्थापकों ने अपने पिछले फेल बिजनेस को बंद करके नया स्टार्टअप शुरू किया है. वहीं 42 प्रतिशत भारतीय छात्र उद्यमी एक साथ दो या दो से ज्यादा बिजनेस चला रहे हैं.आईटीआई मंडी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पूरन सिंह और रेवा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. पी श्यामा राजू ने सुझाव दिया है कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी अब केवल नौकरियों के लिए पढ़ाने तक सीमित नहीं रह गई है.  

उन्होंने सुझाव दिया है कि कॉलेज और यूनिवर्सिटीज को केवल छात्रों की इच्छा नापने की बजाय इस बात को ट्रैक करें कि कितने छात्रों ने वास्तव में बिजनेस शुरू किया है. वहीं उन्होंने कहा कि एलुमिनाई, फाउंडर्स, फैकल्टी फाउंडर्स और छात्र उद्यमियों को सीधे कक्षाओं और हॉस्टलों में बातचीत के लिए आमंत्रित करें, जिससे छात्रों का को सही दिशा मिल पाएगी.

उन्होंने सुझाव दिया है कि कॉलेज और यूनिवर्सिटीज को केवल छात्रों की इच्छा नापने की बजाय इस बात को ट्रैक करें कि कितने छात्रों ने वास्तव में बिजनेस शुरू किया है. वहीं उन्होंने कहा कि एलुमिनाई, फाउंडर्स, फैकल्टी फाउंडर्स और छात्र उद्यमियों को सीधे कक्षाओं और हॉस्टलों में बातचीत के लिए आमंत्रित करें, जिससे छात्रों का को सही दिशा मिल पाएगी.

इसके अलावा इस रिपोर्ट की सबसे खास बात यह है कि महिलाओं ने बिजनेस में पुरुषों के बराबर दिलचस्पी दिखाई है, लेकिन पहला कदम उठाने में एक अंतर देखा गया है. जो लोग फाउंडर बनना चाहते हैं, उनमें से 45 प्रतिशत महिलाओं ने बिजनेस शुरू किया था, जबकि 53 प्रतिशत पुरुषों ने ऐसा किया था.

इसके अलावा इस रिपोर्ट की सबसे खास बात यह है कि महिलाओं ने बिजनेस में पुरुषों के बराबर दिलचस्पी दिखाई है, लेकिन पहला कदम उठाने में एक अंतर देखा गया है. जो लोग फाउंडर बनना चाहते हैं, उनमें से 45 प्रतिशत महिलाओं ने बिजनेस शुरू किया था, जबकि 53 प्रतिशत पुरुषों ने ऐसा किया था.

Published at : 23 Oct 2026 09:40 AM (IST)

शिक्षा फोटो गैलरी



Source link

Related Posts

प्रदर्शन के बीच जामिया का बड़ा फैसला, सभी कोर्स की पढ़ाई होगी ऑनलाइन 

राजधानी की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में जारी छात्र प्रदर्शनों और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने…

ByByPUJA KUMARI Oct 24, 2026

NTA ने जारी किया 14 परीक्षाओं का कैलेंडर, दिसंबर से मार्च तक एग्जाम

एनटीए ने आगामी सत्र 2026-27 के लिए राष्ट्रीय स्तर की 14 प्रमुख प्रवेश एलिजिबिलिटी और प्रतियोगी परीक्षाओं का…

ByByPUJA KUMARI Oct 24, 2026

CA की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अपडेट, ICAI ने जारी की मॉक टेस्ट की तारीखें

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने सीए फाउंडेशन जनवरी 2027 परीक्षा देने वाले स्टूडेंट के लिए मॉक…

ByByPUJA KUMARI Oct 24, 2026

कॉलेज में पढ़ाई के साथ बिजनेस, छात्रों में बढ़ा स्टार्टअप का क्रेज

भारत के कॉलेज कैंपस अब सिर्फ डिग्री और नौकरी की तैयारी तक सीमित नहीं रह गए हैं. देश…

ByByPUJA KUMARI Oct 23, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top