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पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह के भविष्य पर संकट! CM योगी आदित्यनाथ के इस कदम से हलचल तेज


उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले पूर्वांचल में बस्ती जिले की हरैया विधानसभा सीट पर सियासी घटनाक्रम तेज हो गया है. सीएम योगी आदित्यनाथ के एक कदम से यहां के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है, जिसके बाद इस सीट के बड़े बदलाव की आहट आ रही है. सियासी जानकारों की माने तो इस सीट पर पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह का भविष्य अब राम भरोसे रह गया है उनके टिकट की राह उतनी आसान नहीं रही. 

दरअसल सीएम योगी आदित्यनाथ बस्ती के तेलियाजोत पहुंचे थे, जहां वो बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी की माता जी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए. इसी दौरान एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिससे हरैया विधानसभा सीट की  राजनीतिक पटकथा लिखी गई, उसने आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव की तस्वीर को काफी हद तक अभी से साफ कर दिया है. 

सीएम योगी की कार में दिखे अजय सिंह

घटनाक्रम कुछ यूं है कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धांजलि देने के बाद गोरखपुर के लिए रवाना होने लगे, तो हर्रैया से मौजूदा भाजपा विधायक अजय सिंह की मुख्यमंत्री के साथ एक बेहद खास और लंबी मुलाकात हुई. इस मुलाकात का सबसे बड़ा क्लाइमेक्स तब आया, जब सीएम योगी ने औपचारिकता से आगे बढ़कर अजय सिंह को अपने काफिले की गाड़ी में अपने साथ बैठाया और सीधे हेलीपैड तक ले गए.  

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इससे पहले अजय सिंह, सीएम योगी के साथ उनकी कार में बैठकर हैलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक भी आए थे. राजनीति की नब्ज़ को समझने वाले लोग अच्छी तरह जानते हैं कि मुख्यमंत्री की गाड़ी में किसी विधायक का बैठना और हेलीपैड तक साथ जाना और साथ आना महज एक सामान्य शिष्टाचार नहीं होता. यह संगठन और सरकार की तरफ से एक बहुत बड़ा और स्पष्ट सियासी संदेश होता है. 

ये इस बात की तस्दीक करता है कि आलाकमान का भरोसा किसके साथ मजबूती से खड़ा है. इस घटना के दूरगामी परिणाम दिख रहे हैं. लंबे समय से हर्रैया के राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि टिकट को लेकर क्या समीकरण बनेंगे और विरोधी खेमे, खास तौर पर राजकिशोर सिंह को लेकर क्या कयास लगाए जा रहे थे. लेकिन, सीएम योगी ने इन तमाम बातों पर विराम लगा दिया. 

पार्टी में जिस तरह अजय सिंह की स्थिति मज़बूत हुई हैं वो इस बात का प्रमाण है कि अजय सिंह की क्षेत्र में मजबूत पकड़, लगातार जनता के बीच सक्रियता और पार्टी के प्रति निष्ठा का सिला शीर्ष नेतृत्व की नजरों में पूरी तरह सुरक्षित है.

सियासी गलियारों में मची हलचल

विश्लेषकों का मानना है कि पूर्वांचल में योगी आदित्यनाथ का यह अंदाज अपने आप में एक बड़ा रणनीतिक दांव है. एक तरफ जहां पार्टी ज़मीनी स्तर पर मजबूत और जिताऊ चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी कर रही है, वहीं अजय सिंह जैसे नेता जो जनता के बीच लगातार सक्रिय रहते हैं, उन्हें इस तरह का खुला समर्थन मिलना विरोधियों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है.

इस घटना के बाद से हर्रैया के सियासी समीकरणों में भारी उलटफेर देखने को मिल रहा है. एक तरफ जहां दूसरे पक्ष और टिकट के अन्य दावेदारों में मायूसी छा गई है, वहीं दूसरी तरफ अजय सिंह के समर्थकों और कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर पहुंच चुका है. 

राजकिशोर सिंह को लेकर चर्चाएं तेज

गौरतलब है कि हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए सपा और बसपा सरकार मे तीन तीन बार मंत्री रहे चुके राजकिशोर सिंह इन दिनों काफी चर्चा में हैं. मंत्री रहते हुए साल 2014 में यूपी में पशुधन विभाग का मंत्री रहते नियम की ताक पर रखकर भर्ती कर दी गई. जिस मामले में प्रमुख सचिव गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं, अब कयास लगाये जा रहे है कि पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई हो सकती है.

इस बीच राजकिशोर सिंह का आज तेलियाजोत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर बात करना इस बात की ओर इशारा करता है कि ऑल इज वेल है और उनका सियासी कैरियर अभी लंबा रहेगा. राजकिशोर सिंह हरैया सीट से टिकट के मजबूत दावेदार है और तीन बार विधायक भी रह चुके हैं. राजकिशोर सिंह अगर हरैया विधानसभा सीट से टिकट पाते है तो वे सपा बसपा के बाद पहली बार बीजेपी के सिंबल पर चुनाव मैदान में उतरेंगे. राजकिशोर सिंह की हरैया में मजबूत पकड़ है और अपने कोर वोटरों के बल पर वे बीजेपी से टिकट का दंभ भर रहे हैं.



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