2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर रिलीज हुई फिल्म ‘दृश्यम 3’ को लेकर न सिर्फ बॉलीवुड सुपरस्टार अजय देवगन सुर्खियां बटोर रहे हैं, बल्कि अभिनेता जयदीप अहलावत की भी जमकर तारीफ हो रही है. कई फैंस का मानना है कि फिल्म में जयदीप तो अजय देवगन पर भी भारी पड़े हैं. आई आज दृश्यम 3 की बॉक्स ऑफिस पर तबाही के बीच जयदीप अहलावत की जर्नी पर एक नजर डालते हैं. कभी गांव में गोबर उठाने वाला और खुद को निकम्मा समझने वाला एक लड़का आज न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर बल्कि लोगों के दिलों पर भी राज कर रहा है.
हरियाणा में हुआ था जयदीप अहलावत का जन्म
जयदीप अहलवात आज के दौर के सबसे चर्चित और बेहतरीन बॉलीवुड एक्टर में से एक हैं. हरियाणा के रोहतक जिले के खरकरा गांव में उनका जन्म एक हिंदू परिवार में 8 फरवरी 1980 को हुआ था. 46 वर्षीय जयदीप के पिता का नाम दयानंद अहलावत था जो स्कूल टीचर रह चुके थे. जबकि उनकी मां स्पोर्ट्स में फिजिकल एजुकेशन टीचर थीं.

कभी गांव में गोबर उठाते थे जयदीप
जयदीप की स्कूली पढ़ाई गांव से ही हुई और उनका बचपन एवं जवानी भी गांव में ही बीती है. इसी वजह से वो जमीन से जुड़े हुए और बेहद विनम्र इंसान भी माने जाते हैं. अभिनेता ने एक बातचीत में खुलासा किया था कि गांव में वो सीधा-सादा जीवन जीते थे. एक्टर ने ये भी कहा था, ‘मैं गांव में हाथ से गोबर उठाता था.’ एक्टर ने गांव के जीवन को कठिन लेकिन कमाल का बताया था.

स्पोर्ट्स के काफी करीब रहे जयदीप
मां के स्पोर्ट टीचर होने के कारण जयदीप अहलावत को स्पोर्ट्स से प्यार हो गया था. जबकि पिता के कारण वो साहित्य के करीब आए थे. दोनों के साथ वो लंबे वक्त तक जुड़े रहे. बचपन और जवानी में एक्टर ने स्पोर्ट को काफी करीब से जीया और इससे उन्होंने काफी कुछ सीखा भी. वो बताते हैं कि उन्होंने काफी स्पोर्ट्स खेला है और वो काफी प्रैक्टिस भी करते थे.
जब खुद को निकम्मा समझने लगे थे एक्टर
जयदीप आज एक सफल और दमदार एक्टर हैं. उन्होंने शोहरत और दौलत भी अच्छी खासी कमा ली है, लेकिन एक वक्त वो खुद को बेकार और निकम्मा समझते थे. उन्होंने बताया था कि पैरेंट्स की तरह ही वो भी टीचर बनना चाहते थे और इसकी नौकरी के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली. उन्होंने NDA, CDS और SSB की कई बार एग्जाम दी, लेकिन कामयाबी कोसों दूर रही.

साल 2000 के आस-पास एक्टर ने Junior Basic Teacher का कोर्स किया. ये कोर्स उन्होंने प्राइमरी टीचर की नौकरी के लिए किया था, लेकिन इंटरव्यू के दौरान मन ऊब गया. आगे और इंटरव्यू दिए, हालांकि इंटरेस्ट नहीं रहा. इसे लेकर जयदीप ने कहा था, ‘मैं खुद को बिल्कुल बेकार और निकम्मा समझने लगा था.’

2-3 साल तक थिएटर में किया काम
जयदीप अहलावत ने आगे जाकर थिएटर में काम करना शुरू किया. यहां उनका मन लगने लगा और उनके लिए चीजें आसान होती चली गईं. एक्टर ने बताया था कि दो से तीन साल तक थिएटर करने के बाद उन्होंने एफटीआईआई में एडमिशन लिया और एक्टिंग की बारीकियां सीखीं.
बॉलीवुड में इन फिल्मों से मिली पहचान
बॉलीवुड में जयदीप ने अपनी शुरुआत साल 2010 में आई अक्षय कुमार की फिल्म ‘खट्टा मीठा’ से की थी. इसके बाद ‘कमांडो- ए वन मैन आर्मी’, ‘विश्वरूपम’, ‘रईस’ और ‘गब्बर इज बैक’ जैसी फिल्मों में नजर आए. हालांकि पहली बड़ी पहचान मिली आलिया भट्ट और विकी कौशल की हिट फिल्म ‘राजी’ (2018) से. इसमें उन्होंने खालिद मीर नाम का रोल निभाया था.

2022 की फिल्म ‘एन एक्शन हीरो’ से भी चर्चा में रहे. फिर ‘थ्री ऑफ अस’ और ‘जाने जान’ जैसी फिल्मों से भी सुर्खियां बटोरी. जबकि 2024 में आई नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ ने उनके करियर को नई उड़ान दी. जदुनाथ महाराज के रोल में उनका काम तारीफ के काबिल रहा और एक्टर को फिल्मफेयर ओटीटी पुरस्कार में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के अवॉर्ड से नवाजा गया था.
OTT पर भी छाए
महाराज से ओटीटी पर छाने से पहले उन्होंने ‘पाताल लोक’ वेब सीरीज में हाथीराम चौधरी के किरदार से गजब की पॉपुलैरिटी हासिल की. इसके अलावा मनोज बाजपेयी की वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन 3’ में खूंखार विलेन के रूप से भी तारीफें बटोरी. वहीं वो ‘ब्लडी ब्रदर्स’, ‘लस्ट स्टोरीज’ और ‘बार्ड ऑफ ब्लड’ जैसी सीरीज का भी हिस्सा रहे.
















