शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता संजय निरुपम ने गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि देश में सभी धर्मों के लोगों के लिए शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में एक जैसा कानून होना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रतिबंध के बावजूद हुए CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर आयोजकों और प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
संजय निरुपम ने कहा, “भारत का राष्ट्र धर्म हिंदू धर्म है. यह आज से नहीं, बल्कि 5,000 साल से है. धर्म की यह परंपरा चली आ रही है और इसी धर्म की परंपरा से हमारा देश और संस्कृति बने हैं. जब-जब हमारा धर्म कमजोर हुआ, जब-जब हिंदू कमजोर हुए, भारत को लूटा गया, भारत को तोड़ा गया और भारत को तबाह और बर्बाद किया गया. इसलिए अगर पूरे भारत को सुरक्षित रखना है, अगर देश को संकट से मुक्त रखना है और अगर भारत के सभी नागरिकों को सुरक्षित रखना है तो यह बहुत जरूरी है कि हमारा धर्म भी पूरी मजबूती के साथ खड़ा रहे और इसकी सुरक्षा के साथ कोई छेड़छाड़ न हो.”
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उन्होंने कहा कि देश और नागरिकों की सुरक्षा के लिए धर्म की मजबूती जरूरी है. निरुपम ने हिंदू धर्म को भारत की पुरानी परंपरा और संस्कृति से जोड़ते हुए अपनी बात रखी.
UCC में इन मामलों पर एक जैसा कानून
गुजरात के UCC बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर निरुपम ने कहा कि भारत में यूनिफॉर्म सिविल कोड होना चाहिए. उन्होंने कहा कि व्यक्ति किसी भी धर्म का हो, शादी, तलाक, विरासत में संपत्ति मिलने और बच्चे को गोद लेने जैसे मामलों में कानून एक जैसा होना चाहिए.
उन्होंने कहा, “आप किसी भी धर्म के हों, आपकी शादी, तलाक, विरासत में प्रॉपर्टी मिलना यानी विरासत का मामला और गोद लेने का विषय बच्चे को गोद लेने की प्रथा. इन चार या पांच विषयों पर एक जैसा कानून होना चाहिए और इसी वजह से यूसीसी बनाया जा रहा है. गुजरात असेंबली से पास हुए यूसीसी को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है. इसका मतलब है कि अब गुजरात में एक यूनिफॉर्म सिविल कोड शामिल हो गया है.”
शिवाजी पार्क प्रदर्शन पर कार्रवाई की मांग
CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर भी संजय निरुपम ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में किसी भी तरह की सभा, मीटिंग या विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी. इसके बावजूद वहां लोगों के जमा होने को उन्होंने कानून का उल्लंघन बताया.
निरुपम ने कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी को शिवाजी पार्क में किसी भी प्रकार की सभा करने से मना किया गया था, बावजूद इसके उन्होंने कानून का उल्लंघन करते हुए अपने कई फॉलोअर्स को बुलाया और बहुत सारे लोग वहां जमा हुए.”
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आयोजकों और प्रदर्शनकारियों पर केस की मांग
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के मुख्य आयोजकों के खिलाफ केस बनना चाहिए, क्योंकि उनके मुताबिक उन्होंने लोगों को कानून तोड़ने के लिए उकसाया. साथ ही प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की.
निरुपम ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के लिए मुंबई में आजाद मैदान निर्धारित किया गया है. अगर किसी को प्रदर्शन करना है तो उसे आजाद मैदान में पुलिस से अनुमति मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा, “मुंबई में कहीं भी वहां के स्थानीय लोगों को डिस्टर्ब करने के लिए यह सब नहीं होना चाहिए. भारत में समान नागरिक संहिता होनी चाहिए.”














