पाकिस्तान को लेकर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में सामने आए आंकड़ों ने उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. Institute for Economics and Peace (IEP) की रिपोर्ट में पाकिस्तान को 2025 में आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित देश बताया गया है. पाकिस्तान पहली बार इस इंडेक्स में पहले स्थान पर पहुंचा है. उसका GTI स्कोर 8.574 रहा. 2025 में पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में 1,139 लोगों की मौत हुई और 1,045 घटनाएं दर्ज की गईं.
अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने इन आंकड़ों पर पाकिस्तान की पुरानी नीतियों को लेकर तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब उन चरमपंथी समूहों की वजह से पैदा हुई हिंसा का सामना कर रहा है, जिन्हें अतीत में समर्थन दिया गया था.
گھر کے پچھلے صحن میں سانپ پالنے کا نتیجہ یہی ہوتا ہے کہ ایک دن گھر والوں کو بھی ڈستے ہیں۔ پاکستان نے پچاس برس پہلے انتہا پسند جہادیوں کو مسلح کرنا شروع کیا تھا۔ اب پاکستان دہشت گرد حملوں کا نشانہ بننے والے ممالک میں سب سے اوپر ہے۔ ہے کوئی سبق سیکھنے والا؟ pic.twitter.com/zJ7cSD1NSw
— Husain Haqqani (@husainhaqqani) September 25, 2026
हुसैन हक्कानी ने क्या कहा?
हुसैन हक्कानी ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की GTI रैंकिंग से जुड़ा ग्राफिक शेयर करते हुए कहा कि जब कोई अपने घर के पीछे सांप पालता है तो एक दिन वह अपने ही घर के लोगों को काट सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने करीब पांच दशक पहले चरमपंथी जिहादी समूहों को हथियार देना शुरू किया था और अब वह खुद आतंकवादी हमलों का बड़ा शिकार बन गया है. हक्कानी ने सवाल किया कि क्या पाकिस्तान इस स्थिति से कोई सबक सीखने के लिए तैयार है. यह हक्कानी की राजनीतिक और नीतिगत टिप्पणी है. पाकिस्तान की आतंकवाद संबंधी मौजूदा स्थिति के आंकड़े हालांकि IEP की रिपोर्ट से स्वतंत्र रूप से दर्ज हैं.
पाकिस्तान में 1,139 लोगों की मौत
IEP के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों से 1,139 लोगों की मौत हुई. यह 2013 के बाद पाकिस्तान में आतंकवाद से हुई सबसे ज्यादा मौतें हैं. लगातार छठे साल पाकिस्तान में आतंकवाद से होने वाली मौतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई. हालांकि, आतंकवादी घटनाओं की कुल संख्या में थोड़ी कमी आई. 2024 में 1,098 घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो 2025 में घटकर 1,045 हो गईं. इसके बावजूद हमलों में मारे गए लोगों की संख्या बढ़ी. बंधक बनाने की घटनाओं में भी तेज बढ़ोतरी हुई और यह संख्या 2024 के 101 से बढ़कर 2025 में 655 हो गई.
बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा सबसे ज्यादा प्रभावित
IEP की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में आतंकवादी हिंसा का बड़ा हिस्सा पश्चिमी इलाकों में केंद्रित रहा. 2025 में देश के कुल आतंकवादी हमलों में 74 प्रतिशत से ज्यादा हमले बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हुए. आतंकवाद से हुई कुल मौतों में भी इन दोनों इलाकों की हिस्सेदारी करीब 67 प्रतिशत रही. रिपोर्ट में 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ी अस्थिरता को भी पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी से जोड़ा गया है. IEP ने पाकिस्तान के पड़ोसी देशों के साथ तनाव और TTP तथा BLA की बढ़ती हिंसा को भी सुरक्षा चुनौती बताया है.
TTP से जुड़ी 56 प्रतिशत आतंकवादी मौतें
पाकिस्तान में आतंकवाद के आंकड़ों में Tehrik-e-Taliban Pakistan (TTP) की बड़ी भूमिका रही. IEP के मुताबिक TTP लगातार पांचवें साल पाकिस्तान का सबसे घातक आतंकवादी संगठन रहा. 2025 में पाकिस्तान में आतंकवाद से हुई मौतों में 56 प्रतिशत के लिए TTP को जिम्मेदार ठहराया गया. संगठन ने 595 हमले किए, जिनमें 637 लोगों की मौत हुई. यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 13 प्रतिशत ज्यादा था. IEP ने TTP को 2025 में दुनिया का तीसरा सबसे घातक आतंकवादी संगठन बताया है.
जफर एक्सप्रेस हमले का भी जिक्र
IEP की रिपोर्ट में 2025 के सबसे बड़े आतंकवादी हमलों में से एक के तौर पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के जफर एक्सप्रेस हमले का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, क्वेटा के पास रेलवे ट्रैक पर विस्फोट के बाद यात्रियों से भरी ट्रेन पर कब्जा किया गया और 442 लोगों को बंधक बनाया गया. इस घटना में 21 बंधक, चार सैन्यकर्मी और 33 हमलावर मारे गए. IEP ने यह भी कहा कि BLA की गतिविधियों में चीनी नागरिकों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी CPEC से जुड़े प्रोजेक्ट को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं.
















